डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड क्षेत्र के रहुआ गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पेट की आग बुझाने और परिवार का सहारा बनने महाराष्ट्र गए 19 वर्षीय बिहारी कामगार की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रहुआ गांव (वार्ड संख्या 12) निवासी विनोद सहनी के 19 वर्षीय पुत्र राजू कुमार के रूप में की गई है। इस बर्बर वारदात की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, राजू आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने परिवार की मदद के लिए महाराष्ट्र के नागपुर गया था। वहां वह अपनी चाची के पास रहकर एक छड़ (सरिया) निर्माण फैक्ट्री में मजदूरी करता था। राजू बेहद मेहनती युवक था और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई बार लगातार 36-36 घंटे की नाइट शिफ्ट में काम किया करता था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था; बीते दिनों बेखौफ बदमाशों ने रास्ते में उसे घेरकर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के रवैये को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश है।
परिजनों का आरोप है कि नामजद आरोपी की पहचान हो जाने के बाद भी नागपुर पुलिस ‘आरोपी के नाबालिग होने’ की दलील देकर सख्त कार्रवाई से कतरा रही है। वहीं, जिस छड़ फैक्ट्री के लिए राजू दिन-रात पसीना बहाता था, उसके मालिक की संवेदनहीनता ने भी मानवता को शर्मसार कर दिया है।प्रबंधन ने यह कहकर किसी भी प्रकार की सहायता देने से पल्ला झाड़ लिया कि घटना कंपनी परिसर से बाहर घटी है। इस नृशंस हत्याकांड के बाद एक बार फिर अन्य राज्यों में काम कर रहे बिहारी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने बिहार सरकार व जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क साधकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग की है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट