डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय की अदालत ने करीब ढाई साल पुराने चर्चित ब्रह्मदेव साह हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही साथ चारों पर 25,25 हजार का जुर्माना भी सुनाया गया है।आपको बताते चले कि दीपावली की रात हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।

अब अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने इसे न्याय की जीत बताया है। मामला डंडारी थाना क्षेत्र के कटरमाला गांव का है। जहां प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने डंडारी थाना कांड संख्या-103/2023 एवं सत्र वाद संख्या-348/2024 की सुनवाई पूरी करते हुए विकास कुमार, राजीव कुमार, राजेन्द्र साह और कैलाश तांती को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120-बी, 302/34 तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार,12 नवंबर 2023 को दीपावली की शाम ब्रह्मदेव साह अपने पुत्र संतोष कुमार के साथ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बजरंगबली चौक के पास पहले से घात लगाए बैठे चारों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि कैलाश तांती और राजेन्द्र साह ने ब्रह्मदेव साह को पकड़ लिया, जबकि राजीव कुमार के उकसाने पर विकास कुमार ने पिस्तौल से गोली चला दी। गोली लगने से ब्रह्मदेव साह की मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता एवं पूर्व लोक अभियोजक सैयद मो. मंसूर आलम ने प्रभावी पैरवी करते हुए चिकित्सक और अनुसंधानकर्ता समेत छह गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।फैसले के बाद पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला।
परिजनों ने कहा कि दीपावली की रात बेटे के सामने ब्रह्मदेव साह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आज अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा देकर यह साबित कर दिया कि कानून के सामने अपराधी बच नहीं सकते। परिवार ने इसे न्याय की जीत” बताते हुए अदालत के फैसले का स्वागत किया।
डीएनबी भारत डेस्क