तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा जांबाज मुरारी झा का पार्थिव शरीर, ‘अमर रहें’ के नारों से गूंजा इलाका
डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय/भगवानपुर : थाना क्षेत्र अंतर्गत दहिया गांव निवासी सीआरपीएफ जवान मुरारी झा (40) का मुंबई स्थित टाटा मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले तीन महीनों से अस्पताल में भर्ती थे। परिजनों के अनुसार सोमवार सुबह करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव दहिया पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। स्वर्गीय अरविंद झा के सबसे छोटे पुत्र मुरारी झा मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ जवान के रूप में जाने जाते थे। बीमारी के कारण हाल ही में उनका तबादला मुजफ्फरपुर कर दिया गया था।
मुंबई में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर को विमान से पटना लाया गया, जहां सीआरपीएफ जवानों ने तिरंगा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विशेष वाहन से शव को दहिया गांव लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और “मुरारी झा अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा।
वर्ष 2002 में सीआरपीएफ की 147 मोकामा बटालियन से सेवा की शुरुआत करने वाले मुरारी झा की पहली पोस्टिंग डोडा (जम्मू-कश्मीर), दूसरी सिलचर (असम), तीसरी चंदौली (उत्तर प्रदेश) और चौथी पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में रही। सिमरिया गंगा घाट पर उनके 15 वर्षीय पुत्र आशीष झा ने मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे पत्नी अनुबिता झा, पुत्र आशीष एवं पुत्री आयशा (13) को छोड़ गए। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट