एसडीआरएफ की टीम ने अठ्ठारह घंटे में पहला व इक्कीस घंटे के बाद मिला दुसरा शव
पीड़ित परिवार से मिले डीएम, एसपी, एसडीपीओ और एसडीएम
डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के चमथा एक पंचायत के रजौली गांव के समीप बिचली दियारा ढाव में गुरूवार की दोपहर दो लोगों का शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। मृतक की पहचान चमथा एक पंचायत के रजौली गांव निवासी हरदेव महतो की 14 वर्षीय पुत्री रावो कुमारी व रक्टु महतो का दामाद लगभग 55 वर्षीय सोगारथ महतो के रूप में की गई ।

बताते चलें कि चमथा दियारे के लोग गंगा से करीब तीन किलोमीटर दुर बिचली दियारा ढ़ाव के उस पार परवल की खेती करते हैं। खेती को लेकर प्रतिवर्ष बाढ़ समाप्त होने के उपरांत परवल कीरोपाई की जाती हैं। परवल की रोपनी को लेकर किसान बुधवार को बिचली दियारा ढ़ाव के उस पार करीब पच्चीस से तीस मजदुर के साथ गए थे। परवल रोपनी के समाप्त कर शाम के समय वापस लौटने के दौरान सभी मजदुर एक ही नाव में सवार होकर घर लौट रहे थे। अंधेरा रहने के कारण नाव में पानी भरने लगा लेकिन किसी भी लोगों को नजर नहीं आया।
जब नाव किनारे पहुंचने लगा तो एक मजदुर की नजर नाव में भर रहे पानी पर पड़ा और उसके इसकी जानकारी अन्य मजदूरों को दिया इसी बात को लेकर अफरातफरी का माहौल हो गया।लोगो के हड़बड़ाहट के कारण नाव डगमगा गया और पलट गया। जिसके बाद जो लोग तैरना जानते थे वो लोग तैरकर निकल गए ।लेकिन जब पानी से बाहर निकलने के बाद गिनती की गई तो छह लोग कम थे। वही लोगों ने खोजबीन शुरु कर दी। कुछ देर के बाद चार लोग मिल गए ।और उन्हे बेहोशी की अवस्था में दो लोगों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बछवाड़ा भेजा गया। वही दो लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों के द्वारा घटना की सूचना बछवाड़ा थाना पुलिस व अंचलाधिकारी को दिया गया। वही सूचना मिलते ही जिलाधिकारी रिची पाण्डेय, एसपी मनीष व तेघड़ा डीएसपी कृष्ण कुमार व एसडीओ नीरज सिन्हा, अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम समेत बछवाड़ा थाना की पुलिस बल घटना स्थल पर पहुंचे।जिलाधिकारी ने घटना स्थल से ही एसडीआरएफ की टीम को घटना की सूचना दी। रात्री होने के कारण एसडीआरएफ की टीम खोजबीन करने में असमर्थता जताया।वही जिलाधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बछवाड़ा पहुंचकर डुबने के दौरान बेहोश हुए व्यक्ति से मिलकर स्थिति का जायजा लिया।
साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दो व्यक्ति का इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। गुरूवार की सुबह अंचलाधिकारी के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम खोजबीन शुरू की, करीब छह घंटे के बाद एक शव को बरामद किया, वही दुसरी शव करीब नौ घंटे के बाद दुसरी शव भी बरामद कर लिया।दोनो शव बरामद होने की सूचना मिलते ही देखने वाले लोगों की भीड़ जमा हो गई ।
बछवाड़ा थाना पुलिस ने दोनो व्यक्ति के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग चढ़ने के कारण यह हादसा हुआ। समय रहते इस तरह छोटी नाव से नदी पार करने पर रोक नहीं लगाया गया तो कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट
