डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर के ताजपुर स्थित डॉ. जाकिर हुसैन अस्पताल में उपचार के दौरान एक मरीज की तबीयत बिगड़ने और बाद में पटना एम्स में निधन का मामला सामने आया है। इस घटना से परिजनों में गहरा शोक और असंतोष है। परिजनों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार नाजुक होती चली गई थी।
परिजनों के अनुसार, स्थिति गंभीर होने पर मरीज को उच्च स्तरीय उपचार के लिए पटना एम्स में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने आंतरिक जटिलताओं की संभावना जताई। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका।
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टना के उपरांत परिजन अपनी बात रखने ताजपुर स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां प्रबंधन के साथ संवाद के दौरान असहमति की स्थिति बन गई। इसके पश्चात परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर के बाहर एकत्रित होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और मामले की जानकारी स्पष्ट करने का अनुरोध किया।
अस्पताल के दस्तावेजों और पंजीकरण की समीक्षा की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा अस्पताल के पंजीकरण और नियामक मानकों से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की मांग उठाई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के सक्षम प्राधिकारियों द्वारा नियमित जांच से ही संचालन की वैधानिकता और मानकों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जिले में निजी चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्था पारदर्शी रहनी चाहिए। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग से अपील की जा रही है कि क्षेत्र के निजी अस्पतालों के लाइसेंस, चिकित्सकीय संसाधनों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का विधिवत सत्यापन किया जाए।
वर्तमान में यह प्रकरण परिजनों के दावों और प्रशासनिक जांच के स्तर पर है। मामले में अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन का आधिकारिक वक्तव्य आने के बाद ही वस्तुस्थिति पूर्णतः स्पष्ट हो सकेगी।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट