एसडीएम बीडीओ थानाध्यक्ष कर रहे है मॉनेटरिंग।
डीएनबी भारत डेस्क
झारखंड में लगातार हो रही झमाझम बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। नालंदा जिले में भी पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। अस्थावां विधानसभा क्षेत्र में बहवा नदी जीराइन नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उतरथू पंचायत में नदी का पानी बढ़ने से तटबंध में बड़ी दरार आ गई है, जबकि औंदा पंचायत में भी तटबंध टूटने की सूचना सामने आई है।

तटबंध में आई दरार के बाद करीब छह सौ बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से उतरथू पंचायत में तटबंध में बड़ी दरार आ गई, जिससे तटबंध का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध में रिसाव और दरार की सूचना तत्काल प्रशासन को दी गई है। ग्रामीणों के मुताबिक अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो करीब 20 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा सकता है। किसानों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी तैयार होती धान की फसल को लेकर है।
उन्हें डर है कि अगर पानी का बहाव बढ़ा तो खेतों के साथ-साथ गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है और महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ तटबंधों की स्थिति खराब हो जाती है। तटबंधों की मरम्मत और सुरक्षा के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही स्थिति फिर जस की तस हो जाती है।
ऐसे में ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। हालांकि तटबंध में दरार की सूचना मिलने के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। बिहारशरीफ एसडीएम, अस्थावां बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष समेत संबंधित अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों की ओर से लगातार मौके का निरीक्षण किया जा रहा है और तटबंध की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
डीएनबी भारत डेस्क