डीएनबी भारत डेस्क
बेमौसम तेज आंधी और बारिश ने जहां किसानों की कमर तोर कर रख दी है। वहीं अब किसानों के सामने भविष्य और बेटीयों की शादी को लेकर समस्या उत्पन्न होते नजर आने लगी है। शुक्रवार को देर शाम में वीरपुर प्रखंड क्षेत्र व थाना क्षेत्र में आई वे मौसम तेज आंधी और बारिश ने नौला,डीह, भवानंदपुर, वीरपुर पूर्वी, वीरपुर पश्चिम, गेंन्हरपुर, जगदर, पर्रा, सहुरी, मैदा भवन्नगामा, रत्न मन वभनगामा पंचायत के किसानों के खेत में लगे गेहूं, मक्का, सरसों, टमाटर,हरा साग सब्जी,आम, लीची आदि पेर पौधौं सहित जानवरों के लिए हारे चारा को बरवाद कर कमर तोर दिया है।

जिससे प्रखंड क्षेत्र के किसानों के सामने अब भविष्य को लेकर चिंताये सताने लगी है। प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने बताया कि सरकार के गलत नितीयों और पदाधिकारियों के मिली भगत से जहां किसान निर्धारित मूल्यों से अधिक दाम पर खाद,विज, किटनाशक दवाइयों को कर्ज लेकर, घर में रखे जेवरातों को बंधक रख कर खेती में इस आशा से इन्वेस्टमेंट किया था कि पैदा वार अच्छी होगी तो इस बार बेटी की ब्याह कर लेंगे।
किसान राजीव कुमार चौधरी, मनोज राय, अर्जून सिंह, फुल्टन राय, पप्पू यादव, अभिनाश प्रसाद सिंह,केदार हजारी गोपाल झा समेत सेकरों किसानों ने जिला प्रशासन ने आग्रह करते हुए कहा है कि पंचायत वार वार्ड सदस्य, कृषि सलाहकार और राजस्व कर्मचारी के अलावे अन्य दो किसानों के साथ जांच कमेटी गठित कर फसल छती पूर्ति देने का काम करें। साथ ही स्थानीय विधायक और सांसद दोनों सदनों में किसानों के सभी प्रकार के कर्ज को एक मुस्त मांफ करने के लिए दवाब बनाए साथ में अविलंब फसल छती पूर्ति की राशि को किसानों के खातों में ट्रांसफर करने की काम करें।
किसानों ने यह भी बताया कि बहुत सारे जमीन मालिक अपने से जो खेती नहीं करते हैं उन्हें इस लाभ से वंचित भी करे।कियोकी जमीन मालिक ऐन पर खेती कर रहे किसानों से भी ऐन लेते हैं और सरकारी फायदा भी ऐसी हालत में छोटे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। और जमीन मालिक दोहरे लाभ लें लेते हैं। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों के किसानों जनप्रतिनिधियों ने बताया कि विधुत विभाग की लचर व्यवस्था से शुक्रवार को शाम छः बजे से शनिवार को 12 बजे तक बिजली गुम रही जिससे इस ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के राज्य में लोगों को अंधेरी रात में जीवन व्यतीत करने के लिए वाद्य होना पड़ा, मोबाइल चार्ज, खाना बनाने, खाना खाने,पानी के लिए भी त्रसना परा है।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट