डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर शहर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्म दिवस के अवसर पर जुलूस-ए-मोहम्मदी अकीदत और पूरे एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में हजारों की तादाद में पैगंबर-ए-इस्लाम के चाहने वाले हाथों में झंडे और बैनर थामे शामिल हुए। जुलूस के दौरान पूरे शहर में “लब्बैक या रसूलल्लाह” और “पत्ती-पत्ती, फूल-फूल, या रसूल” की सदाएं गूंजती रहीं।

इस बार का जुलूस अपनी शांति, सादगी और सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए खास चर्चा में रहा। आयोजन में किसी भी प्रकार के डीजे या बाजे का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि सभी लोगों ने बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर कारी मोतिउर रहमान ने पैगंबर-ए-इस्लाम के जीवन और उनकी तालीम पर रोशनी डालते हुए कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को मोहब्बत, अमन और इंसानियत का पैगाम दिया है।
जुलूस-ए-मोहम्मदी का मकसद केवल खुशी मनाना नहीं, बल्कि पैगंबर साहब के बताए रास्ते और इंसानियत के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से समाज में नफरत को खत्म करने, एक-दूसरे का सम्मान करने और आपसी सौहार्द को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस गरिमामय आयोजन में मुफ्ती नसीमुल क़ादरी मिश्वाही, मौलना अफ़ज़ल हुसैन, कारी ताहिर हुसैन अलीमी, मौलना मनोअर अलीमी, हाफिज इस्तियाक़ अहमद, तारीख रहमान बॉबी, बेलाल रजा, आदिल रहमान, हाफिज मोo आफताब आलम अशरफी, तौहीद आलम अशरफी, अनश रिजवान, अरमान खान और डॉ. हामिद रज़ा अशरफी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट