परिजन सीबीआई जांच की मांग की है।
डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय के रहने वाले प्रणव कुमार की हरियाणा के मुरथल स्थित आईआईटीएम कॉलेज में पढ़ने वाले बेगूसराय के छात्र प्रणव कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गहराता जा रहा है। छात्र के कमरे से मिली कथित डायरी में लिखी कुछ बातों ने घटना को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, परिजनों ने पूरे मामले को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए निष्पक्ष और सीबीआई से जांच की मांग की है।

मृतक छात्रा के परिजनों का आरोप है कि कॉलेज में ही प्रणव कुमार की हत्या की गई है। हत्या करने के बाद उसे रूम में ही तंग कर आत्महत्या रूप दिया गया है। आपको बताते चले मृतक प्रणव कुमार बेगूसराय के हेमरा-एघु मोहल्ला निवासी नागेंद्र झा का इकलौता पुत्र था। उसके पिता नागेंद्र झा बेगूसराय व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता हैं, जबकि मां वंदना देवी मंझौल न्यायालय में वकालत करती हैं। प्रणव कुमार मुरथल के आईआईटीएम कॉलेज में बी. फार्मा थर्ड ईयर का छात्र था। और कॉलेज के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, पुलिस को प्रणव के कमरे से एक डायरी मिली, जिसमें प्रेम संबंध से जुड़ी बातें लिखी हुई थीं। डायरी में प्रेम और यादों से संबंधित कुछ भावनात्मक संदेश होने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि प्रणव पढ़ने में काफी तेज था।
और ना ही किसी से कोई प्रेम प्रसंग था। हालांकि, प्रेम संबंध और दबाव से जुड़े इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले प्रणव ने अपने पिता से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उसने घर की सामान्य बातें कीं और किसी परेशानी का संकेत नहीं दिया। इसके कुछ ही घंटे बाद परिवार को उसकी मौत की सूचना मिली।यही वजह है कि परिजन घटना को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। प्रणव की मां वंदना देवी का आरोप है कि 23 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे कॉलेज के एडमिशन इंचार्ज ने फोन कर उनके बेटे की हालत गंभीर होने की जानकारी दी थी। परिवार की ओर से कॉलेज के प्रिंसिपल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कथित तौर पर तत्काल संपर्क नहीं हो सका।परिजनों का कहना है कि बाद में पुलिस से संपर्क हुआ और उन्हें बेटे की मौत की जानकारी दी गई।
मां के मुताबिक, वह रात में ही दिल्ली पहुंचीं और अगले दिन कॉलेज पहुंचकर बेटे के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कॉलेज प्रशासन से उन्हें तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।मां वंदना देवी का कहना है कि प्रणव अपनी परेशानियां परिवार के साथ साझा करता था। उनका दावा है कि यदि उसे किसी तरह की गंभीर समस्या होती तो वह परिवार को जरूर बताता। इसी आधार पर परिवार ने उसकी मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष और सीबीआई से जांच की मांग की है।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि शव का पोस्टमार्टम कराने और मेडिकल बोर्ड के समक्ष जांच की मांग को लेकर उन्होंने प्रयास किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।प्रणव का शव सोनीपत के अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। परिजन पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं और मेडिकल बोर्ड की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं।
परिजनों बताया कि प्रणव का 24 अगस्त को जन्म दिन था । 23 अगस्त को सभी परिवार से फोन पर अच्छे तरीके से बात किया फिर बाद में पता चला कि प्रवण कुमार की मौत हो गई है। उन्होंने साफ तौर कहा कि कॉलेज के ही तीन चार छात्र मिलकर प्रवण की हत्या कर दिया है और शरीर पर भी कई जगह चोट का निशान है। इससे प्रतीत होता है कि प्रणव कुमार की हत्या हुई है। और कॉलेज प्रशासन पर भी परिजनों ने सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से प्रणव की हत्या हुई है फिलहाल मामले में सामने आए। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रणव की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
बेगूसराय के इस होनहार छात्र की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं कमरे से मिली डायरी, कथित प्रेम प्रसंग और घटना से पहले की परिस्थितियों ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। अब निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
डीएनबी भारत डेस्क