निजी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप, जांच के आश्वासन पर समाप्त हुआ जाम
डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर| प्रसव के बाद महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को दहिया उच्च विद्यालय के समीप पीपरा-मंसूरचक मुख्य मार्ग को करीब चार घंटे तक जाम कर दिया। लोग निजी नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। लिखित आवेदन लेने और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ।

मृतका की पहचान बसही वार्ड संख्या-दो निवासी हरे राम साह की करीब 25 वर्षीया पत्नी सीमा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को प्रसव पीड़ा के बाद उसे पीएचसी भगवानपुर ले जाया गया, जहां से बेगूसराय रेफर किया गया। इसके बाद आशा कार्यकर्ता के माध्यम से उसे दहिया स्थित निजी नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां ऑपरेशन के बाद सीमा ने नवजात को जन्म दिया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर नर्सिंग होम से उसे बेगूसराय भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
नवजात समेत तीन बच्चों को छोड़ गई मां
सीमा की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका के पति हरे राम साह बेंगलुरु में मजदूरी करते हैं और घटना के समय वहीं थे। सीमा अपने पीछे दो छोटी बच्चियों और एक नवजात को छोड़ गई है। मां की मौत से नवजात के सिर से ममता का साया उठ गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर बेहतर इलाज मिलता तो सीमा की जान बच सकती थी। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।
परिजनों ने नर्सिंग होम से बैनर-पोस्टर और पहचान से जुड़ी सामग्री हटाए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस को दिए गए आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट