डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां नकली सिगरेट बनाने और बेचने के मामले में कार्रवाई करने पहुंची टाइगर मोबाइल टीम पर ही व्यवसायी से तीन लाख रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। आरोप है कि व्यवसायी और उसके पूरे परिवार को गंभीर केस में फंसाने की धमकी देकर यह रकम वसूली गई। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि 12 मई को नगर थाना क्षेत्र में टाइगर मोबाइल टीम ने सूचना के आधार पर एक दुकान में छापेमारी की थी, जहां कथित रूप से नकली सिगरेट बरामद किया गया था। इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 217/26 दर्ज किया गया। लेकिन कार्रवाई के दौरान शामिल दो जवानों पर व्यवसायी शिवशक्ति कुमार और उनके परिवार को डराने-धमकाने तथा केस में फंसाने की बात कहकर तीन लाख रुपये लेने का आरोप लगा।
पीड़ित पक्ष की ओर से व्यवसायी के पुत्र पीयूष राज ने 14 मई को नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-01 आनंद कुमार पांडे के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान टाइगर मोबाइल के सिपाही संख्या 832 अमन कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार जवान से पूछताछ में दूसरे सिपाही अंकुश कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने सहरसा जिले के सौर बाजार स्थित उसके घर पर छापेमारी की, जहां से पुलिस ने तीन लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है। हालांकि आरोपी जवान पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
फिलहाल नगर थाना में कांड संख्या 220/26 दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। एक आरोपी गिरफ्तार है जबकि दूसरे की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। इस घटना के बाद आम लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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