डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना छेत्र के नाजिरपुर गांव में मोबाइल चोरी के आरोप में दबंगो द्वारा एक नाबालिग किशोर की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।

उधर घटना से गुस्साए मृतक के परिजन व ग्रामीणों ने, मृतक के शव को आरोपित के दरवाजे पर रखकर जमकर हंगामा किया। उधर हंगामें की सुचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची उजियारपुर पुलिस को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोग उजियारपुर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे। वहीं मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
मृत किशोर की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर वार्ड संख्या 1 निवासी, प्रदीप दास के 16 वर्षीय पुत्र दर्शन कुमार के रूप में की गई है। घटना 8 मई के देर शाम की बतायी जा रही है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गांव का ही एक व्यक्ति, मुर्गी फार्म का संचालन करता है। आरोप है कि उसने युवक को 8 मई की शाम मुर्गी फार्म में काम कराने के बहाने अपने साथ मुर्गी फार्म पर लेकर गया। वहां उस पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर उसकी बेरहमी से पिटाई करने लगा।
पिटाई के बाद आरोपित ने किशोर को घायल अवस्था में उसके घर लेकर पहुंचा और घर में घुसकर घर में रखे पेटी एवं बक्से का ताला तोड़कर तलाशी लेने लगा। परिजनों के अनुसार आरोपित ने मोबाइल खोजने के नाम पर घर का सामान तक तोड़ दिया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। जिसके बाद घायल किशोर को घर पर छोड़कर वह वापस चला गया। परिजनों का आरोप है कि कुछ घंटों बाद आरोपित अपने आधा दर्जन से अधिक सहयोगियों के साथ फिर मृतक किशोर के घर पहुंचा,
और जबरन उसे दोबारा अपने साथ ले गया, और उसे एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांधकर बेल्ट व लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। जब इतना कुछ करने के बाद भी, उनलोगों का मन नहीं भरा तो, क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए, मृतक किशोर के शरीर को सिगरेट से भी जला दिया, जिससे किशोर बेहोश हो गया। जिसके बाद आरोपितों ने उसे मरा हुआ समझकर, पास के ही एक मकई के खेत में फेंक दिया गया। काफी देर तक मृतक किशोर दर्शन कुमार के घर वापस नहीं लौटने पर, परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। इसी दौरान एक ग्रामीण ने मकई के खेत में उसे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा।
जिसके बाद वह ग्रामीण उक्त किशोर को उसके घर तक पहुंचा दिया। जिसके बाद किशोर के परिजनों ने स्थानीय निजी चिकित्सक से उसका इलाज कराना शुरू कर दिया। लगातार 06 दिनों तक इलाज चलता रहा, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद उसके परिजन, उसे इलाज के लिए बाहर ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि किशोर की मौत हो गई। मौत की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों को हुई, गांव में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने शव को आरोपित के दरवाजे पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामें की सूचना मिलने पर उजियारपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख उजियारपुर पुलिस ने इसकी सुचना वरीय पदाधिकारी को दिया। जिसके बाद उजियारपुर से सटे सभी सीमावर्ती थाना के पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। बाबजूद आक्रोशित ग्रामीण शांत होने का नाम नही ले रहे थे। कुछ देर बाद दलसिंहसराय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विवेक कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे, और उन्होंने आक्रोशित लोगों और परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिया।
जिसके बाद मृत किशोर के परिजन शव को पोस्टमार्टम में भेजने के लिए तैयार हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ झोलाछाप नेता व कुछ स्थानीय जनप्रतिधि, उजियारपुर पुलिस के सहयोग से मृतक के परिजनों को बहला-फुसलाकर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
सुत्रों का यह भी बताना है कि, मामले को रफा दफा करने के इस खेल में वृहत पैमाने पर अवैध राशि के लेन-देन का खेला भी होने की उम्मीद है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट