वीरपुर की बदहाली: ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा फेल, 15 साल से विकास को तरस रही जनता

DNB Bharat Desk

सब का साथ सब का विकास लेकिन वीरपुर को छोड़कर।यह उक्ति अन्य क्षेत्रों के लिए सटीक बैठता हो पर वीरपुर क्षेत्र में वर्ष 2011 से ही विकास कार्यों में बाधक बने हुए हैं जनप्रतिनिधि व पदाधिकारी। आपकों बताते चलें कि अगर यहां के सांसदों, विधायकों में ज़रा सा भी विकास के लिए दिलों दिमाग में जगह होती तो  वर्ष 2011 में वीरपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय के भूमि अधिग्रहण के लिए 2 करोड़ 48 लाख 58 रूपए आए जो तत्तकालीन जिला पदाधिकारी, सांसद और विधायक जी के षड्यंत्रों से यहां से ट्रान्सफर हो कर अन्य यंत्र ले जाया गया ,

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वीरपुर बैधनाथ प्रसाद सिंह उच्च विद्यालय की चार दिवाली के निर्माण से संबंधित शिलान्यास जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया तो गया लेकिन के महिनों बाद शिलापट को उखाड़ कर लें जाया गया , सांसदों के द्वारा वीरपुर उच्च विद्यालय को माॅडल विधालय बनाए जाने की घोषणा सम्मान समारोह में वर्ष 2011 के सांसद महोदय के द्वारा किए जाने के बाद भी दशकों से इस ओर ध्यान नहीं देना,

वीरपुर की बदहाली: 'सबका साथ-सबका विकास' का नारा फेल, 15 साल से विकास को तरस रही जनता 2वीरपुर में जल जमाव की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिला पदाधिकारी तुषार सिंगला एवं उनके अधिनस्थ विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय प्रशासन और बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार जी के द्वारा बार बार अस्थल निरीक्षण के वाद समारोह पूर्वक आधार शिला का अनावरण होने के बाबजूद भी काम नहीं होना पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के दोहरी मानसिकता नहीं तो और किया है। ऐसा वीरपुर बाजार के सेकरों व्यवसायीयों समेत वीरपुर पश्चिम और वीरपुर पूर्वी पंचायत के हजारों लोगों का कहना है।

वीरपुर की बदहाली: 'सबका साथ-सबका विकास' का नारा फेल, 15 साल से विकास को तरस रही जनता 3कुछ लोगों ने तो जनप्रतिनिधियों पर यह भी आरोप लगाते हैं कि जब जनप्रतिनिधियों से जल जमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग करते हैं तो जनप्रतिनिधि कहते हैं चुनाव के समय यहां के लोग हम लोगों से वोट देने के लिए लाख का लाख रुपए लिए हैं तो योजनाएं हमारी मर्जी का है। लोगों ने यह भी बताया कि एक सप्ताह पूर्व आई तेज आंधी और बारिश की पानी से अब भी वीरपुर हाॅस्पिटल रोड और वीरपुर इमामबाड़ा चौक से गोला चौक तक झिल बना हुआ है। पंचायत समिति, मुखिया, जिला पार्षद, विधायक, सांसद और प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन के सभी पदाधिकारी कुंभ करणी निंद सोएं हुए हैं।

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