डीएनबी भारत डेस्क
चंडी प्रखंड स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में सोमवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने छापेमारी कर संसाधन शिक्षक मनोज कुमार वर्मा को 17 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई एक पीड़ित शिक्षक की शिकायत के आधार पर की गई।

मामले में चंडी की प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुमारी को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है।डीएसपी अमरेंद्र कुमार विद्यार्थी ने बताया कि पीड़ित शिक्षक धर्मेंद्र कुमार को 2017 से 2019 तक मिड डे मील में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित रहे थे। बाद में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए रोके गए वार्षिक वेतन के भुगतान का आदेश दिया था।
जिला स्तर से भी भुगतान करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद आरोप है कि बीईओ पुष्पा कुमारी की ओर से वेतन भुगतान के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी और भुगतान को जानबूझकर लंबित रखा गया था। इससे परेशान होकर शिक्षक ने निगरानी विभाग से शिकायत की।शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई।
सोमवार को जैसे ही पीड़ित शिक्षक ने बीआरसी में मौजूद मनोज कुमार वर्मा को 17 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि मनोज कुमार वर्मा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुमारी के निर्देश पर ही यह राशि ले रहे थे। इसके आधार पर निगरानी टीम ने बीईओ पुष्पा कुमारी को भी मामले में नामजद अभियुक्त बना दिया है।
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