डीएनबी भारत डेस्क
बिहार राज्य आशा संध के बैनर तले सीएचसी बछवाड़ा में चल रहे आशा कार्यकर्ताओ की अनिश्चितकालीन हड़ताल दुसरे दिन बुधवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। हड़ताल को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने अपने वरीय पदाधिकारी से फोन पर बातचीत के बाद अश्वासन दिया कि 31जनवरी तक सभी आशा कार्यकर्ताओं का बकाये मानदेय समेत अन्य बकाये राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

जिसके बाद बिहार राज्य आशा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के द्वारा निर्णय लिया गया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त किया जाता है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक सभी आशा कार्यकर्ताओं के बकाये राशि का भुगतान नहीं किया गया तो हमलोग फरवरी के पहले सप्ताह बैठक कर उग्र आंदोलन करेंगे। हड़ताल को लेकर सुबह से विभिन्न पंचायत में कार्यरत दर्जनों की संख्या में आशा कार्यकर्ता व आशा फैसिलेंटर शामिल हुए। अनिश्चितकालीन हड़ताल का नेतृत्व बिहार राज्य आशा संध के प्रदेश उपाध्यक्ष सरीता राय कर रहे थे।
सुबह से ही आशा कार्यकर्ता व आशा फैसिलेंटर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछ्वाड़ा में इमरजेंसी सेवा को छोड़कर ओपीडी, टीकाकरण समेत प्रसव पुर्व जांच अभियान को पुर्ण रूप से बाधित कर अपने गुस्से का इजहार किया। वही आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी समेत राज्य व केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संध के प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता राय ने कहा कि विगत छह माह से आशा कर्मी को मानदेय नहीं दिया जा रहा है, जिसको लेकर हम सभी आशा कार्यकर्ता दुसरे दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए है। अपने अधिकार के लिए हड़ताल करना हमारा मौलिक अधिकार है, हड़ताल के माध्यम से हम अपनी परेशानी अपने वरीय पदाधिकारी तक पहुंचाने का काम करते हैं।
लेकिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व जिला के स्वास्थ्य पदाधिकारी के द्वारा दमनकारी नितियों के तहत हमारे हड़ताल के दौरान बछवाड़ा थाना पुलिस को बुलाया गया। थानाध्यक्ष अपने दल बल के साथ पहुंचकर आशा कार्यकर्ताओं को धमकी दे रहे थे की हड़ताल कीजियेगा तो सभी आशा कार्यकर्ता को जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी का कहना है कि जिला स्वास्थ्य पदाधिकारी से हमें आदेश मिला है कि आशा कार्यकर्ता अपना हड़ताल समाप्त नहीं किया तो आशा कार्यकर्ताओं को चयन मुक्त कर दिया जाएगा। बावजूद हमारे आशा कार्यकर्ता चट्टानी एकता का परिचय देते हुए अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए रहे। हमारी मांग है कि विगत छह माह का बकाये मानदेय समेत अन्य राशि का भुगतान किया जाय।
अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी के द्वारा निर्देश के उपरांत आशा कार्यकर्ताओं को 31 जनवरी तक बकाये मानदेय के आश्वासन पर हड़ताल को समाप्त कराया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का बकाये राशि के भुगतान की लगभग सभी प्रकिया पुरी हो चुंकि है जल्द भुगतान किया जाएगा। जिसके बाद सभी आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दिया। मौके पर किरण देवी,अनिला कुमारी,बेबी कुमारी,प्रमिला देवी निलम कुमारी,अनिला देवी,मीरा देवी,कुमारी नीलम,सुधा कुमारी,उषा देवी,कुमारी इन्दु,अनिता कुमारी,डीम्पल कुमारी,राधा कुमारी,मीरा कुमारी,ममता कुमारी,रंजू कुमारी,अमिता कुमारी,आशा कुमारी समेत दर्जनों की संख्या में आशा कार्यकर्ता व आशा फैसिलेंटर मौजूद थे।
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