बछवाड़ा में मानदेय और सरकारी दर्जे की मांग को लेकर सीएचसी में तालाबंदी, आशा कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

DNB Bharat Desk

​बिहार राज्य आशा संघ के बैनर तले मंगलवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बछवाड़ा में तालाबंदी कर दी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं।

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“अधिकारियों की अनियमिता से रुका है भुगतान”

​हड़ताल का नेतृत्व कर रहीं संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता राय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों का लगातार शोषण किया जा रहा है।

  • वेतन और बकाया: पिछले 6 महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। साथ ही एक वर्ष से प्रसव प्रोत्साहन राशि और टीकाकरण की राशि भी लंबित है।
  • कटौती की आशंका: कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारी मानदेय में कटौती करने की साजिश रच रहे हैं और भुगतान में भारी अनियमितता की जा रही है।

प्रमुख मांगें:

  1. ​आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
  2. ​मानदेय के रूप में प्रतिमाह 25,000 रुपये का भुगतान सुनिश्चित हो।
  3. ​सभी लंबित प्रोत्साहन राशियों का अविलंब भुगतान किया जाए।

सेवाएं ठप करने की चेतावनी

​सरिता राय ने कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पूर्व में लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। “अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव और टीकाकरण की रीढ़ होने के बावजूद हमें न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जा रही। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।”

प्रदर्शन में ये रहीं मौजूद

​इस दौरान केंद्र परिसर में सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की गई। मौके पर डेजी कुमारी, रूबी कुमारी, रानी राय, शोभा कुमारी, कुमारी बेबी, उर्मिला कुमारी, सविता कुमारी, मीरा कुमारी, पिंकी कुमारी, किरण कुमारी, निभा कुमारी, गीता कुमारी, दौलत कुमारी, बबीता कुमारी, पूजा कुमारी और नीतू कुमारी समेत दर्जनों आशा कर्मी उपस्थित थीं।

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