समस्तीपुर: मनरेगा का नाम बदलने की चर्चा के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

DNB Bharat Desk
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समस्तीपुर:केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने और उसमें संशोधन की संभावनाओं के खिलाफ कांग्रेस के आहवान पर समस्तीपुर में प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शन कांग्रेस कार्यालय से निकल कर समाहरणालय पहुँचा। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अबू तमीम साहित कई सीनियर नेता मौजूद थे।

कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओ ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की आजीविका से जुड़ी लाइफलाइन है, जिसे राजनीतिक कारणों से बदला नहीं जाना चाहिए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अबू तमीम ने आरोप लगाया कि योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास देश की ग्राम स्वराज की सोच और गांधीवादी दर्शन पर प्रहार है।

समस्तीपुर: मनरेगा का नाम बदलने की चर्चा के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन 2उनका कहना था कि यह योजना ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनी हुई है। प्रदर्शन में पार्टी के नगर और जिला स्तर के कई नेता शामिल हुए। उन्होंने  कहा कि यूपीए सरकार ने 2005 में इस योजना की शुरुआत ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन को रोकने के उद्देश्य से की थी। मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाता है। इसके तहत मजदूरों को स्थानीय स्तर पर विकास कार्य जैसे सड़कों की मरम्मत, जल संरक्षण, नालों की सफाई और वृक्षारोपण में लगाया जाता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा हुए बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिली।

समस्तीपुर: मनरेगा का नाम बदलने की चर्चा के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन 3वही महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष देविका गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा योजना का नाम बदलने और इसके वित्तीय ढांचे में संशोधन का विचार सीधे तौर पर गरीब तबके के हितों पर चोट करेगा। उन्होंने मांग की है कि सरकार किसी भी प्रकार के बदलाव से पहले संसद और ग्रामीण समाज से संवाद करे।

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