कर्पूरी ग्राम में तैयारियों के बीच डीएम-एसपी के साथ निरीक्षण के दौरान गिरे सिविल सर्जन, नहीं बच सकी जान
डीएनबी भारत डेस्क

समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार चौधरी का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से जिले में सनसनी फैल गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
दरअसल, 24 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समस्तीपुर के कर्पूरी ग्राम आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां चल रही थीं। इन तैयारियों में सिविल सर्जन डॉ. संजय चौधरी पिछले एक सप्ताह से लगातार जिला प्रशासन के साथ दिन-रात जुटे हुए थे। मंगलवार को भी वे डीएम और एसपी के साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी डॉ. संजय चौधरी समस्तीपुर के ही रहने वाले थे और पहले सदर अस्पताल में लंबे समय तक डॉक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके थे।
अपने मिलनसार और व्यवहार कुशल स्वभाव के कारण वे काफी लोकप्रिय थे। फिलहाल उनका पार्थिव शरीर मेडिकाना हॉस्पिटल में रखा गया है, जहां उन्हें अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, जेडीयू विधायक अश्वमेघ देवी, पूर्व आरजेडी विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन सहित कई नेता और गणमान्य लोग वहां पहुंचे।
इस बीच आरजेडी के पूर्व विधायक और प्रदेश प्रवक्ता अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा को लेकर अधिकारियों पर भारी मानसिक दबाव रहता है। कम समय में तैयारियों को पूरा करने के दबाव के कारण अधिकारी तनाव में रहते हैं, जिसका नतीजा यह दुखद घटना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न केवल समस्तीपुर बल्कि पूरे बिहार में बेहतर इलाज की व्यवस्था की कमी है।
सरकारी अस्पताल अक्सर गंभीर मामलों में हाथ खड़े कर देते हैं और निजी अस्पतालों में भी समुचित इलाज न मिलने से लोगों की जान चली जाती है। सिविल सर्जन डॉ. संजय चौधरी की मौत को उन्होंने इस व्यवस्था की एक ताजा और दुखद मिसाल बताया।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट
