डीएनबी भारत डेस्क
किसानों के उत्थान के सरकार भले ही लाख दावे कर ले लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इसी से जुड़ा एक मामला सामने आ रहा है जहां आज दर्जनों किसानों ने समाहरणालय मुख्य द्वार के समीप धरना शुरू कर दिया है।

लोगों का आरोप है कि सरकार के द्वारा पैक्स के माध्यम से धान खरीद की घोषणा की गई थी एवं उसका न्यूनतम मूल्य भी निर्धारित किया गया था। लेकिन अब सरकार के द्वारा धान प्राप्ति के लक्ष्य को कम कर दिया गया है जिससे कि छोटे-छोटे किसान परेशान हैं । लोगों के द्वारा लगातार मांग की जा रही है लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। दूसरी तरफ जो धान खरीद भी की गई है उसके पेमेंट के लिए 48 घंटे का लक्ष्य रखा गया था।
लेकिन उस राशि की प्राप्ति भी अभी तक किसानों को नहीं हो सकी है। और किसान धरना देने के लिए मजबूर है एवं धरना के माध्यम से ही सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे कि किसानों की समस्या हल हो सके।
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