डीएनबी भारत डेस्क
रविवार को बरौनी हर्ल ग्राउंड में जिला श्रमिक कार्य प्रमुख शंभु कुमार की अध्यक्षता में एक श्रमिक संवाद कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में रिफाइनरी ठेका मजदूर संघर्ष समिति के संयोजक लाल बाबू कुमार के आह्वान पर सैकड़ों श्रमिक उपस्थिति हुए। संवाद का मुख्य बिंदु विगत एक महीने से बरौनी रिफाइनरी में अपने श्रम अधिकार के लिए संघर्ष करते श्रमिकों की समस्याएं, साथ ही लिखित हुए समझौते के अनुपालन की वर्तमान स्थिति, एवं श्रमिकों के साथ लगातार होते प्रताड़ना की खबरों की वास्तविक स्थिति का विवरण श्रमिकों के द्वारा बारी बारी रखा गया।

संयोजक लाल बाबू ने कहा कि जो भी श्रमिक अपने श्रम अधिकार की आवाज उठाते हैं, उन्हें चिन्हित कर उनका गेटपास रद्द किया जा रहा है। आज केकेएस, इस्जेक, एन आर पी सहित कई कंपनी किन्हीं का गेटपास रेन्यूअल के नाम पर लेकर, किन्हीं का बायोमेट्रिक जाम करके और कुछ का तो गेटपास तोड़कर श्रमिकों को प्रताड़ित कर बाहर कर रहे, जिससे मजदूरों में आक्रोस बढ़ रहा है। जिला श्रमिक कार्य प्रमुख शंभु कुमार ने कहा कि विगत कई वर्षों से विस्तारीकरण का कार्य चल रहा है, प्रधान न्योक्ता के रूप में रिफाइनरी प्रबंधन और उसका एच आर विभाग अगर श्रम कानूनों का अनुपालन सख्ती से कराने हेतु गंभीर होते तो आज ना हड़ताल होता ओर ना ही ऐसी स्थिति बनती कि श्रमिक को आंदोलित होना पड़ता।
आज न्यूनतम मजदूरी, डबल ओटी, ईपीएफओ, ईएसआईसी कार्ड, बोनस जैसे जरूरी प्रावधानों पर रिफाइनरी प्रबंधन को लिखित देना पड़ रहा, और एक महीने बीतने पर भी इसके अनुपालन की स्थिति दिख नहीं रहा,यह रिफाइनरी प्रबंधन की श्रम कानूनों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। अगर सच में कानूनी कार्रवाई की जरूरत थी तो प्रबंधन का एच आर विभाग इसके लिए संपूर्ण रूप से दोषी होगा, लेकिन प्रबंधन द्वारा उल्टा एफआईआर इस भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले श्रमिक पर की जाती है।
बैठक में यह सहमति बनी कि रिफाइनरी प्रबंधन को लिखित रूप से श्रमिकों को बाहर निकालने की कंपनी की तानाशाही रवैए पर विराम लगाने की मांग की जाएगी, सहित साथ ही चार लेबर संहिता से जुड़ी हर प्रावधानों को लागू करना, मजदूरों पर हुए एफआईआर को वापस लेने संबंधित बिंदुओं का उल्लेख रहेगा। जिला श्रमिक कार्य प्रमुख द्वारा यह घोषणा की गई कि कानूनी अधिकार की इस लड़ाई में हम अपनी विचारधारा अनुसार श्रमिकों के वाजिब अधिकार के साथ है साथ भी उच्च पद पर आसीन लोगों द्वारा निर्दोष श्रमिक पर की जाने वाली हर प्रताड़ना का पुरजोर विरोध करेंगे। जिला श्रमिक कार्य प्रमुख के नाते हम भी इन सारी समस्याओं पर अपने संघ सहित जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, एवं रिफाइनरी प्रबंधन से वार्ता कर राष्ट्र एवं उद्योग हित अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे।
अगर प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ी रही तो हम श्रमिकों के साथ आंदोलन पे जाने के लिए भी तैयार है। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अजीत कुमार ने कहा कि आज लाल बाबू हमारे आंदोलन की अगुवाई कर रहा, प्रबंधन द्वारा श्रमिकों को लगातार उकसाया जा रहा, इस परिस्थिति में कंपनी द्वारा किसी असमाजिक तत्व के जरिए हमारे इस मुहिम को भटकाने का प्रयास भी होगा इसलिए सचेत होकर अपने अधिकार के इस संघर्ष को अंजाम तक पहुंचाना है। बैठक में जिला सह शारिरिक प्रमुख मुरारी कुमार, रोहित , शिव कुमार, दीपक पंकज सिंह, सुनील कुमार, संजीव, समीर, राजू, जितेन्द्र, संजय, अरविंद, वकील राम सहित सैकड़ों श्रमिक उपस्थित हुए।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट