सूर्य ग्रहण के अवसर पर सिमरिया में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

DNB Bharat Desk

सूर्य ग्रहण के अवसर पर सिमरिया में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी। मिथिलांचल क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की जुटी है भीड़

डीएनबी भारत डेस्क 

मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण ग्रहण के समय से पहले से ही नेपाल, भूटान सहित भारत देश के विभिन्न हिस्सों से स्नानार्थियों व श्रद्धालुओं का बेगूसराय के सिमरिया स्थित कल कल करती, गंगा की अविरल धारा व आंचल प्राचीन तीन देशों का संगम स्थली उत्तर वाहिनी, पाप नासिनी, मोक्षदायिनी गंगा नदी तट पर आना शुरू हो गया। हजारों हजार की संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर गंगा में गोता लगाया। इस दौरान अंचल अधिकारी बरौनी सुजीत सुमन, थानाध्यक्ष सहायक थाना चकिया ओपी दिवाकर प्रसाद सिंह, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, एसडीआरएफ एवं डीडीआरएफ की टीम व घाट संवेदक दिलीप कुमार के कर्मी गंगा नदी तट पर काफी सक्रिय रहे।

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ओपी अध्यक्ष दिवाकर प्रसाद सिंह निरंतर भीड़ को डायवर्ट करने में लगे रहे। ताकि एक ही साथ भीड़ नहीं जुट जाए। साथ ही वे अधीनस्थ कर्मियों को निर्देशित करते रहे कि बैरीकेडिंग के बाद एक भी व्यक्ति स्नान करने न जाए, अभिभावक छोटे बच्चों का हाथ पकड़कर स्नान करवाएं, अपने -अपने सामान की रक्षा श्रद्धालु स्वयं करें, अपने ही परिचित व्यक्ति को सामान देकर गंगा में स्नान करने जाएं। किसी भी परिस्थिति में किसी अपरिचित व्यक्ति को अपना सामान सौप कर नहीं जाएं। एक जगह पर भीड़ नहीं लगाएं अलग-अलग घाटों पर स्नान करें। स्नान करने के लिए सीढ़ी से लेकर गंगा नदी किनारे विभिन्न स्थानों पर घाट बनाए गए हैं। ख्याल रखें कि इस दौरान आप खतरनाक घाटों पर स्नान नहीं करने लग जाएं।सूर्य ग्रहण के अवसर पर सिमरिया में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी 2

सभी दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य सहयोगी दलों सभी स्नानार्थियों का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर अविलंब कंट्रोल रूम को सूचना दें। ताकि ससमय उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए उसका निपटारा किया जा सके। वहीं इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार अपडेट लेते रही। किसी प्रकार का कोई परेशानी हो तो तुरंत स्वास्थ्य शिविर में लाया जाए ताकि उसका समुचित इलाज किया जाए। वहीं इसके लिए समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरौनी की एडवांस लाईफ सपोर्टिंग एम्बुलेंस टीम, ईएमटी धर्मवीर कुमार मेडिकल किट व सभी तैयारियों के मुस्तैद रहे।

सूर्य ग्रहण पर स्वामी चिदात्मन जी महाराज
सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या की तिथि पर होता है। पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा पृथ्वी की। कभी -कभी चन्द्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। खगोल शास्त्र के अनुसार जब चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है तब यह तीनों एक सीध हो जाते हैं। इसी घटना को आंशिक सूर्यग्रहण कहा जाता है। उक्त बातें मंगलवार को दोपहर बाद लगने वाले सूर्य ग्रहण पर उत्तर वाहिनी पतित पावनी त्रिवेणी संगम स्थली सिमरिया धाम गंगा नदी तट पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं को सूर्य ग्रहण का प्रभाव, सूतक काल, स्नान, खान-पान पर महत्वपूर्ण संदेश देते हुए सर्वमंगला आश्रम के अधिष्ठाता करपात्री अग्निहोत्री स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा। स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहा कि भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण देखा जा सका। भारत में ग्रहण होने से इसका सूतक काल मान्य होगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 4 बजे से ही लग चुका है। भारत में यह ग्रहण दोपहर बाद देखा गया। उन्होंने कहा मंगलवार को सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ होकर संध्या 6:32 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। भारत में 4 बजकर 22 मिनट से शुरु होकर 5 बजकर 57 मिनट में समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण भारत में दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, और उत्तर प्रदेश में सूर्य ग्रहण लोगों को ठीक से दिखेगा। आगे एक सवाल पर उन्होंने बताया कि दिवाली के बाद सूर्य ग्रहण पड़ने से गोवर्धन पूजा मंगलवार को नहीं मनाई जाएगी। अब 26 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा एवं भाई दूज दोनों ही एक साथ मनाई जाएगी। एक खास बात पर उन्होंने कहा कि इसके बाद 8 नवम्बर को वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण होगा।सूर्य ग्रहण के अवसर पर सिमरिया में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी 3

वहीं सूर्य ग्रहण के दौरान खान-पान के संबंध में मिथलेश दास उर्फ बौवा हनुमान दास जी महराज ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सभी तरह के चीजें अपवित्र हो जाती है इस कारण खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्तों को डाल दिए जाते हैं। ताकि सूर्य ग्रहण का नाकारात्मक प्रभाव नहीं पड़े। ग्रहण के दौरान वातावरण में नाकारात्मक और दूषित किरणें फैल हुई होती है। तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आयुर्वेद में तुलसी के पत्ते को संजीवनी कहा जाता है। तुलसी में एंटी बायोटिक और आयरन तत्व बहुत होते हैं। इसका सेवन करने से व्यक्ति की इम्यूनिटी बढ़ती है।

बेगूसराय से धर्मवीर कुमार

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