वाजितपुर पिढ़ौली में उमड़ा भक्ति का सैलाब,चैती दुर्गा पूजा समिति द्वारा हजारों कन्याओं का भव्य पूजन

DNB Bharat Desk

चैती दुर्गा पूजा समिति वाजितपुर पिढ़ौली के द्वारा लगातार कई वर्षों से कन्या रुपी देवी की पूजन बड़ी हर्षोल्लास से की जाती है। समिति के द्वारा क्लश स्थापना से ही श्री कैलाश जी महाराज के मुखारविंद से देवी भागवत कथा का आयोजन कराया जाता है जिसके कारण पुरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि में कन्या पूजन देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।

- Sponsored Ads-

कन्या पूजन के बिना नवरात्रि की पूजा अधुरी है। 2-10 वर्ष की कन्याओं को मां दुर्गा का साक्षात रूप मानकर पूजा जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि, सुखद वैवाहिक जीवन और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह नारी शक्ति के सम्मान और सात्विक ऊर्जा को जागृत करने का पावन अनुष्ठान है। मान्यता है कि नौ कन्याएं माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों यानी नवदुर्गा का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे भक्त को दिव्य आशीर्वाद मिलता है। कन्या पूजन से घर से दरिद्रता दूर होती है, आर्थिक उन्नति होती है और परिवार में शांति रहती है। मान्यता के अनुसार, कन्या पूजन से ग्रहों के बुरे प्रभाव कम होते हैं।

वाजितपुर पिढ़ौली में उमड़ा भक्ति का सैलाब,चैती दुर्गा पूजा समिति द्वारा हजारों कन्याओं का भव्य पूजन 2कन्याओं के साथ ही बालक रुपी भैरव बाबा तथा गणेश जी के रूप की भी पूजा की जाती है, जो सुरक्षा का प्रतीक है। सनातन धर्म में कन्या पूजन का सामाजिक और नैतिक महत्व भी है। यह परंपरा बालिकाओं को दिव्य मानकर समाज में कन्याओं के प्रति सम्मान और समानता का संदेश देती है। जब हम इन कन्याओं के चरण धोते हैं, तो यह हमारे अहंकार को कम करता है और सेवा का भाव विकसित करता है। यह परंपरा समाज में नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करती है, जो ‘बेटी बचाओ’ और लैंगिक समानता का संदेश देती है।

वाजितपुर पिढ़ौली में उमड़ा भक्ति का सैलाब,चैती दुर्गा पूजा समिति द्वारा हजारों कन्याओं का भव्य पूजन 3इसलिए कमिटी के द्वारा लगातार कई दशकों से आस पड़ोस के कई गावों की हजारों की संख्या में कन्याओं तथा बच्चों की पूजा की जाती है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गणेश भूषण अश्विनी नागा पिन्टू कुमार छैला रूतोष मिश्रा मनीष साह विकास कुमार सुमन कुमार विजय साह गोपाल साह ललन साह ऋषभ कुमार शुभम निराला सौरभ मिश्रा आदि लोगो योगदान सराहनीय रहा ।

Share This Article