पीएम आवास में धांधली के आरोप पर ग्रामीण पहुंचे डीएम कार्यालय,1650 आवेदन, 482 का चयन। ग्रामीणों ने की दोबारा जांच की मांग
डीएनबी भारत डेस्क
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर और ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन नालंदा में ग्राम सभा के दौरान पीएम आवास योजना को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामला हरनौत प्रखंड के सरथा पंचायत का है, जहां पीएम आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
स्थिति यहां तक पहुंच गई कि ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया को भी बंधक बना लिया। हंगामे के कारण आम सभा को स्थगित करना पड़ा।दरअसल, सरथा पंचायत में पीएम आवास योजना के लिए कुल 1650 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 482 लाभुकों का चयन किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि आवास सहायक की मिलीभगत से ऐसे लोगों का चयन किया गया है, जिनके पास पहले से पक्का मकान है और कुछ लोग सरकारी नौकरी में भी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी ओर वास्तविक जरूरतमंद, जो झुग्गी-झोपड़ी में रहकर मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं, उन्हें योजना की सूची से बाहर कर दिया गया है। इसी को लेकर ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने विरोध जताया और मुखिया को बंधक बना लिया। हालांकि मुखिया के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और बाद में आम सभा को स्थगित कर दिया गया।इसके पूर्व ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर प्रखंड कार्यालय का भी घेराव किया और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
इसके बाद पीएम आवास योजना से वंचित सरथा पंचायत के दर्जनों ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी उदिता सिंह से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पंचायत में पीएम आवास योजना के लाभुकों की दोबारा जांच कराने की मांग की, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके।वहीं जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मामले की जांच कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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