नालंदा: 79 साल बाद भी सड़क से वंचित बंडोह गांव, 20 साल से सुन रहे वादे, अबकी बार पक्की सड़क नहीं तो विधायक बदलने की चेतावनी

DNB Bharat Desk

आजादी के 79 साल बाद भी नालंदा जिले के रहुई प्रखंड के पतासंग पंचायत का बंडोह गांव आज भी पक्की सड़क को तरस रहा है। वार्ड संख्या-10 में महज एक किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता है, जो गांव को रहुई रेलवे स्टेशन और प्रखंड मुख्यालय से जोड़ता है। बरसात होते ही यह कीचड़ से पट जाता है, जिससे छह गांव के हजारों लोग मुसीबत झेलने को मजबूर हैं।

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नालंदा: 79 साल बाद भी सड़क से वंचित बंडोह गांव, 20 साल से सुन रहे वादे, अबकी बार पक्की सड़क नहीं तो विधायक बदलने की चेतावनी 2ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय मंत्री डॉ. सुनील पिछले 20 साल से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। हर चुनाव में वे हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं और पक्की सड़क का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन हालत जस की तस है। नाराज लोगों ने साफ कहा कि अगर इस बार सड़क नहीं बनी, तो विधायक बदलना तय है। ग्रामीणों ने बताया कि इस कच्चे रास्ते से होकर रामडीह, छतरपुर, शाहपुर, अमरपुर, भागन बीघा और पतासंग गांव के लोग रहुई हॉल्ट पहुंचते हैं।

 नालंदा: 79 साल बाद भी सड़क से वंचित बंडोह गांव, 20 साल से सुन रहे वादे, अबकी बार पक्की सड़क नहीं तो विधायक बदलने की चेतावनी 3बरसात में रास्ता दलदल में बदल जाता है। बीमार पड़ने पर एंबुलेंस गांव तक नहीं आती और मरीजों को खटिया पर उठाकर ले जाना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो जाते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि 20 साल से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। अब लोग ठान चुके हैं कि अगर इस बार भी पक्की सड़क नहीं बनी तो चुनाव में विधायक बदलकर नया चेहरा सामने लाएंगे। 

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