डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। महज 1000 रुपये के कथित बकाये के विवाद में एक महादलित दंपति के अपहरण और पति की बेरहमी से हत्या का आरोप लगा है।
आरोप है कि बदमाशों ने पहले दंपति को काम के बहाने बुलाकर अगवा किया। फिर सुनसान जगह पर बंधक बनाकर पति सुरेंद्र मांझी को पेड़ में बांधकर लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा और बिजली का करंट भी दिया। सबसे खौफनाक बात ये है कि पत्नी नॉलेजा देवी के सामने ही उसके पति को मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद शव को करीब सात फीट गहरे गड्ढे में दफनाने और ऊपर से नमक डालने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस ने शव बरामद कर लिया है, लेकिन पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। दरअसल पूरा मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के पपरनौसा गांव का है। मृतक की पहचान इस्लामपुर के नीलकंठ गांव निवासी सुरेंद्र मांझी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र मांझी और उसकी पत्नी नॉलेजा देवी उत्तर प्रदेश में ईंट भट्ठे पर काम करते थे। परिजनों ने बताया कि काम के दौरान ठेकेदार मुकेश यादव का दंपति पर करीब एक हजार रुपये बकाया था। आरोप है कि इसी बकाये को लेकर विवाद हुआ और ठेकेदार ने दंपति को काम दिलाने के बहाने 14 सितंबर को बुलाकर अपहरण कर लिया।
आरोप है कि इसके बाद दंपति को पपरनौसा गांव में एक सुनसान जगह पर रखा गया। वहां सुरेंद्र मांझी को उसकी पत्नी के सामने पेड़ से बांधकर लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, उसे बिजली का करंट भी लगाया गया। गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
पति की आंखों के सामने हत्या होते देख पत्नी किसी तरह वहां से भाग निकली। ग्रामीणों ने डरी-सहमी महिला की मदद की और मामले की सूचना नूरसराय पुलिस को दी। महिला ने गांव के ही मुकेश यादव और विकास यादव पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया है। साथ ही अपनी मौसेरी बहन मौली देवी की भूमिका का भी आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि मौली देवी का ठेकेदार से संबंध था और इसी वजह से उसने भी इस वारदात में साथ दिया।
बताया जा रहा है कि हत्या के बाद सुरेंद्र मांझी के शव को करीब सात फीट जमीन के अंदर दफना दिया गया था। सूचना मिलने के बाद नूरसराय पुलिस ने कई घंटे तक शव की तलाश की, जिसके बाद शव बरामद किया गया।फिलहाल पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है। हालांकि अभी तक नालंदा पुलिस की ओर से घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
डीएनबी भारत डेस्क