डीएनबी भारत डेस्क
वीरपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरा स्थित सूर्य मंदिर परिसर में सो रहे 19 वर्षीय दिव्यांग युवक अजीत उर्फ लुल्ला को अपराधियों द्वारा मुंह में पिस्तौल सटाकर गोली मारने के मामले में चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं। घटना के इतने दिन गुजरने के बावजूद पुलिस अब तक हमलावरों का कोई ठोस सुराग नहीं तलाश पाई है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है और पुलिसिया व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि बीते शनिवार (12 सितंबर) की देर रात मुजफ्फरा सूर्य मंदिर में दिव्यांग अजीत सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने उसके मुंह में पिस्तौल डालकर गोली मार दी थी और मौके से फरार हो गए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
घटना के चार दिन बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से आम लोगों के बीच पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर गहरा असंतोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वीरपुर थाना क्षेत्र की लगभग सभी पंचायतों में अवैध शराब और बालू का काला कारोबार दिन-रात धड़ल्ले से चल रहा है, जिसे रोकने वाला कोई नहीं है।
लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते क्षेत्र में चोरी, लूट और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री जैसी आपराधिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। वहीं, ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करते हुए दिव्यांग युवक पर हमला करने वाले दुर्दांत अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करने और इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बेगूसराय वीरपुर संवाददाता गोपल्लव झा की रिपोर्ट