चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं जा रहा है-शत्रुध्न प्रसाद सिंह

DNB Bharat Desk

बेगूसराय जिले के बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के दियारा के पांच पंचायत में गंगा का जलस्तर बढ़ने से भीषण बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दियारा क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बछवाड़ा अंचल परिषद द्वारा मगलवार को सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने बछवाड़ा अंचल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन के दौरान लाल झंडों और बैनरों के साथ सैकड़ो की संख्या में पहुंचे किसानों, मजदूरों और आम ग्रामीणों ने सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

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धरना की अध्यक्षता चमथा-03 पंचायत के पैक्स अध्यक्ष अनिल कुमार राय ने किया। वही धरना को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि बेगूसराय जिले के बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, बरौनी, बलिया, साहेबपुर कमाल और शाम्हो की अधिकांश आबादी बाढ़ की त्रासदी झेल रही है। चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं जा रहा है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सरकार का ध्यान इन बाढ़ पीड़ितों पर कैसे केंद्रित हो इसको सुनिश्चित करेगी। हम आज बछवाड़ा अंचल कार्यालय को घेर रहे हैं। अगर बाढ़ पीड़ितों को अविलंब राहत मुहैया नहीं कराया जाता है तो हम जिला अधिकारी को भी घेरेंगे और उन्हें अपनी मांग मानने को मजबूर करेंगे।

चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं जा रहा है-शत्रुध्न प्रसाद सिंह 2वही धरना को संबोधित करते हुए बछवाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक सह भाकपा जिला मंत्री अवधेश कुमार राय ने कहा कि दियारा क्षेत्र के पांचो पंचायत चमथा-01, चमथा-02, चमथा-03, विशनपुर और दादुपुर पंचायत में भीषण बाढ़ आई हुई है। प्रशासनिक व्यवस्था ना के बराबर है। जिला के डीएम अपने अंचल स्तर के अधिकारियों को कह रहे हैं कि जिस घर में पानी गया है सिर्फ उसी को जीआर की सूची में रखा जाए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है। हमारी मांग है की बछवाड़ा प्रखंड के दियारा क्षेत्र के पांचों पंचायत को बाढ़ग्रस्त घोषित कर दियारा क्षेत्र के सभी परिवार को जीआर की राशि दी जाए एवं बाढ़ राहत के लिए तत्काल सभी परिवार को पॉलीथिन शीट, सामुदायिक बाढ़ आश्रय स्थलों पर पोषण युक्त भोजन, स्वच्छ शौचालय, स्वच्छ पेयजल, नवजात बच्चों के लिए दूध, मवेशी के लिए पशु चारा एवं बाढ़ प्रभावित आम लोगों व पशुओं के लिए चिकित्सीय व्यवस्था को अविलंब बहाल किया जाए।

चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं जा रहा है-शत्रुध्न प्रसाद सिंह 3वहीं दियारा के पांचों पंचायत के अलावे गोविंदपुर-03, रानी-01, रानी-02 एवं रानी-03 व गोधना पंचायत के अधिकांश किसानों की सारी जमीन दियारा में ही है। बाढ़ आने से उनकी फसलें खराब हो गई है। उन फसलों का आकलन कर फसल क्षतिपूर्ति सभी किसानों को दी जाए। हमारी मांगे नहीं मानी जाती हैं तो हम जिलाधिकारी को भी धेरने का काम करेंगे। वही भाकपा अंचल मंत्री भूषण सिंह एवं एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने संयुक्त रूप से कहा कि बाढ़ आने के कई दिन बीत चुके हैं लेकिन बाढ़ पीड़ितों को अभी तक पर्याप्त सरकारी सुविधा नहीं मिल पाई है। बाढ़ प्रभावित पंचायत में आवागमन हेतु नाव की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। बीमारी की हालत में उन्हें काफी परेशानी झेलनी पर रही है। यह सरकारी तंत्र की नाकामी को दर्शाता है।

चुनावी वर्ष नहीं होने के कारण सरकार का ध्यान बाढ़ पीड़ितों की ओर नहीं जा रहा है-शत्रुध्न प्रसाद सिंह 4अगर इसे जल्द दूर नहीं किया जाता है और स्थाई समाधान नहीं निकाला जाता है तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपना आंदोलन और तेज करेगी। वही धरना को जिला कोषाध्यक्ष राजकिशोर सिंह, राजेश शर्मा, एआईएसएफ के जिला सचिव सत्यम भारद्वाज,एआईवाईएफ के जिला सहसचिव रजनीश कुमार राय, पूर्व जिला पार्षद प्रमिला सहनी, आशा संघ की नेत्री सरिता राय सहित दर्जनों नेताओं ने संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में बछवाड़ा प्रखंड के बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र के पांचों पंचायत सहित अन्य पंचायत से सैकड़ो की संख्या में लोग शामिल हुए। बाद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधि मंडल अंचल अधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिला और मांग पत्र सौंपा।

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