डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-01 में मनरेगा योजना के तहत करीब 3.21 लाख रुपये की लागत से कराए गए वाहा (नाला) उड़ाही कार्य को लेकर लगाए गए कथित अनियमितता के आरोप को स्थानीय मुखिया पति मो. रिजवी उर्फ भाईजान ने झूठा और बेबुनियाद बताया है। स्थानीय लोगों के अनुसार पंचायत में कराए गए कार्य निर्धारित तरीके से किए गए हैं।

बताया गया कि वाहा (नाला) की लंबाई करीब 8 फीट तथा चौड़ाई 11.8 फीट है। मजदूर कुंती देवी, कृष्ण देव साह समेत अन्य मजदूरों ने बताया कि नाला उड़ाही का कार्य लगातार किया गया और करीब 15 दिनों में इसे पूरा कर लिया गया। मजदूरों का कहना है कि बारिश के कारण कुछ स्थानों पर मिट्टी धंस गई है, जिसे दोबारा नाला से बाहर कर दिया जाएगा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि आपसी द्वेष के कारण स्थानीय मुखिया पति को परेशान करने तथा कथित तौर पर राशि ऐंठने के उद्देश्य से मनरेगा कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया जा रहा है।
वहीं, ग्रामीण अर्जुन सहनी ने बताया कि पटना एवं जिला स्तर की टीम द्वारा पंचायत में आकर कार्य का निरीक्षण किया गया था। उनके अनुसार निरीक्षण के बाद टीम कार्य से संतुष्ट होकर वापस चली गई। उन्होंने कहा कि नाला उड़ाही का कार्य वास्तविक मजदूरों द्वारा किया गया है और उन्हें किसी प्रकार की शिकायत की जानकारी नहीं है। इधर, मुखिया पति मो. रिजवी उर्फ भाईजान ने आरोप लगाया कि कुछ बिचौलियों द्वारा पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने और उन्हें परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पूर्व पंचायत समिति सदस्य उमेश सहनी, अरविंद रजक एवं श्याम शर्मा द्वारा वर्तमान पंचायत समिति सदस्य से मनरेगा योजना में कराए गए कार्य के एवज में कथित तौर पर मोटी रकम की मांग की जाती है। मुखिया पति ने कहा कि पंचायत में विकास कार्य कराने वाले गरीब जनप्रतिनिधि के लिए इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं है। उन्होंने मनरेगा योजना में गड़बड़ी की शिकायतों को पूरी तरह झूठा एवं बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पंचायत में कराए गए कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट