डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में उस वक्त हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला, जब मरीजों की जिंदगी बचाने वाले इमरजेंसी वार्ड में अचानक बैंड-बाजे की तेज धुन गूंजने लगी। शोर इतना तेज था कि इलाज करा रहे मरीज और उनके परिजन परेशान हो उठे।

कुछ देर तक किसी को समझ नहीं आया कि आखिर अस्पताल के सबसे संवेदनशील जगह में किसकी अनुमति से बैंड-बाजा बजाया जा रहा है। मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक बैंड-बाजे की आवाज सुनाई देते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज संगीत और शोर से मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इमरजेंसी जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह बैंड बजने से लोग हैरान रह गए। मौके पर मौजूद बैंड-बाजा बजाने वाले लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर से लंगोट अर्पण जुलूस निकाला जा रहा था, जिसके चलते वे बैंड बजा रहे थे। हालांकि यह सवाल बना रहा कि आखिर इमरजेंसी वार्ड के भीतर बैंड बजाने की अनुमति किसने दी।मरीजों के परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तेज आवाज के कारण गंभीर मरीजों को काफी दिक्कत हुई।
उनका कहना था कि अस्पताल में शांति और अनुशासन सबसे जरूरी होता है, लेकिन इस तरह की लापरवाही मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।मॉडल अस्पताल के उपाधीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि जैसे ही इमरजेंसी वार्ड में बैंड बजने की सूचना मिली, उसे तत्काल बाहर हटवा दिया गया।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड के अंदर किसके आदेश पर बैंड-बाजा बजाया गया, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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