डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा के करायपरसुराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने अगार गांव में छापेमारी कर हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में सामान और उपकरण बरामद किए हैं। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही प्राथमिकी अभियुक्त रंजीत बिंद मौके से फरार होने में सफल रहा।

पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।दरअसल, बुधवार की मध्य रात्रि करायपरसुराय थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि अगार गांव निवासी रंजीत बिंद अपने घर से अवैध आग्नेयास्त्रों का निर्माण और कारोबार कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष ने पुलिस टीम के साथ रंजीत बिंद के घर की विधिवत घेराबंदी कर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को मिट्टी और बालू में छिपाकर रखा गया हथियार बनाने का सामान और कई उपकरण मिले। पुलिस ने मौके से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कुल 24 प्रकार के सामान और औजार, साथ ही अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए हैं।
बरामद सामान के आधार पर करायपरसुराय थाना में शस्त्र अधिनियम के तहत रंजीत बिंद के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।पुलिस के अनुसारअवैध हथियार निर्माण और कारोबार से जुड़े इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी रंजन कुमार ने बताया कि छापेमारी में हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 24 प्रकार के सामान और औजार तथा अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ-साथ इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
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