डीएनबी भारत डेस्क
नालंदा के सोहसराय थाना क्षेत्र में निजी क्लीनिक में प्रसूति की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने आशानगर के पास एनएच-20 को जाम कर जमकर हंगामा किया और सड़क पर आगजनी भी की। सड़क जाम होने से बख्तियारपुर-रजौली एनएच-20 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और हजारों वाहन जाम में फंस गए।

दरअसल, चंडी थाना क्षेत्र के अफजलबीघा गांव निवासी सरिफा देवी को 25 अगस्त को प्रसव के लिए आशानगर स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। जहां महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के कुछ घंटे बाद ही महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।मौत के बाद परिजनों ने निजी क्लीनिक के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई और कथित तौर पर क्लीनिक में ही रोककर रखा गया। परिजनों के अनुसार इलाज के एवज में उन्होंने करीब 1 लाख 70 हजार रुपये भी जमा किए थे।परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही प्रसूति की जान गई है। आक्रोशित परिजनों ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही सोहसराय थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजनों को समझाने-बुझाने में जुट गए।
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