डीएनबी भारत डेस्क
भगवानपुर|जिले के सरकारी विद्यालयों की जमीन का मामला फिर से सुर्खियों में है। शिक्षा विभाग के आदेश के आलोक में बेगूसराय जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किया है।

डीईओ ने बताया कि सभी अंचलों से विद्यालयों की भू-सम्पदा से संबंधित विहित प्रपत्र में समेकित प्रतिवेदन प्राप्त हो गया है। जांच में चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।कई स्कूलों की जमीन रैयती दान पत्र या निबंधित दस्तावेज से प्राप्त है तो कई स्कूल गैरमजरूआ मालिक / गैरमजरूआ आम किस्म की भूमि पर चल रहे हैं।कुछ स्कूलों के पास निबंधित दान-पत्र, भू-हस्तांतरण के कागजात तो हैं, लेकिन राजस्व अभिलेख में जमाबंदी नहीं है।
कई स्कूलों की भूमि रैयती खाता की है, लेकिन दान-पत्र ही गायब है।कई स्कूलों के नाम पर जमीन का कोई कागज ही नहीं है।अधिकांश स्कूलों के पास दस्तावेज रहते हुए भी राजस्व अभिलेख में जमाबंदी कायम नहीं है। कई विद्यालय भूमिहीन/भवनहीन हैं जो दूसरे विद्यालय के साथ टैग हैं।
डीईओ ने आदेश दिया है कि जिन स्कूलों के पास निबंधित दस्तावेज है, उनका ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लिए अंचलाधिकारी के यहां आवेदन कराएं।जिन स्कूलों को खाता-खेसरा-रकबा पता नहीं है, वे अंचल के अमीन/कर्मचारी से मदद लेकर जमीन का विवरण प्राप्त करें।जो स्कूल भूमिहीन/भवनहीन हैं, वे नई भूमि उपलब्ध कराने हेतु अंचलाधिकारी को आवेदन दें।जहां स्कूल की जमीन पर अवैध अतिक्रमण है, वहां विहित प्रपत्र में रिपोर्ट डीईओ को दें और अतिक्रमण हटाने के लिए अंचलाधिकारी के कोर्ट में केस करें।डीईओ ने सहायक भू-सम्पदा पदाधिकारी को भी इस काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
बेगूसराय भगवानपुर संवाददाता गणेश प्रसाद की रिपोर्ट