भक्ति संगीत और शिव पार्वती की झांकियों को देख शिवमय हुए कावड़िया
डीएनबी भारत डेस्क

मिथिला की पावन और ऐतिहासिक धरती झमटिया धाम गंगा तट पर रविवार की रात पूरी तरह शिवमय हो गई। बछवाड़ा पत्रकार संघ के द्वारा आयोजित भव्य ‘सावन महोत्सव’ में आस्था, भक्ति और सुरों का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला कि गंगा तट पर मौजूद हजारों कांवरिए भक्ति भाव में सराबोर होकर रात भर झूमते रहे।
सावन महोत्सव का विधिवत उद्घाटन आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. ए.के. राय, डॉ. सावन कुमार, आयोजन समिति के संरक्षक सह प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. संजय ईश्वर, बलिया डीएसपी सुबोध कुमार, पूर्व विधान पार्षद भूमिपाल राय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि शेखर राय एवं प्रख्यात साहित्यकार शैलेंद्र शर्मा त्यागी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कर किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रभाकर कुमार राय ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। प्रखंड पत्रकार संघ के सदस्यों ने सभी आगत अतिथियों का स्वागत गेरुआ चुनरी भेंट कर किया।
सांस्कृतिक संध्या का आगाज होते ही पूरा प्रांगण भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। मैथिली, भोजपुरी और हिंदी भक्ति भजनों के सुर बिखरते ही कांवरियों की थकान आस्था के उल्लास में बदल गई। मैथिली गायिका जूली झा ने जब अपने सुरीले अंदाज में ‘कहिया हरब दुःख मोर हे भोले दानी’ , ‘पिया ड्राइवर हो धक-धक करता करेज’ और ‘मोर भंगिया के मनाय द हो भोले नाथ’ की प्रस्तुति दी, तो श्रोता और कांवरिए खुद को नाचने से रोक नहीं पाए। गायक सुनील मिश्रा ने ‘बैजनाथ बासुकीनाथ मेरी ये नैया है तेरे हवाले…’ और ‘मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, भंग की है झोला भिखारी मत समझो’ जैसे जोशीले भजनों से समां बांध दिया।
लोग झूमने पर मजबूर हो गए।नवोदित कलाकार अभिज्ञान गर्ग के गाए पारंपरिक गीत ‘हमसे ना भंगिया पिसाई ऐ गणेश के पप्पा’ और भोला तू जोगी तेरी महिमा बड़ी पर युवाओं की टोली ने जमकर नृत्य किया।वही कलाकारों के द्वारा एक से बढ़कर एक गीतों पर रात भर कांवरियां झूमते रहे वही संगीत के बीच बीच मे बोले बाबा के जयकारे से पूरा इलाका भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो रहा था। वही कार्यक्रम में सुरों के साथ-साथ झांकी का भी अद्भुत प्रदर्शन हुआ।

कोलकाता से आए विशेष कलाकारों के दल ने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों-तांडव, अर्धनारीश्वर और भस्म आरती-की जीवंत झांकियां प्रस्तुत किए। मंच पर शिव-पार्वती के अलौकिक रूप को देखकर पूरा माहौल हर-हर महादेव और बोल बम के नारों से गुंजायमान हो उठा।
गंगा स्नान कर भोले बाबा विद्यापति और अन्य शिवालयों की ओर प्रस्थान करने वाले कांवरियों के लिए यह भक्ति संध्या एक दिव्य अनुभव साबित हुई। पवित्र गंगा की धारा और भजनों के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर अपनी सुध-बुध खो बैठे। देर रात तक चले इस महोत्सव ने झमटिया गंगा तट भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट