विद्यापति धाम रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से श्रद्धालु की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

DNB Bharat Desk

डीएनबी भारत डेस्क

समस्तीपुर:विद्यापतिनगर जे हाजीपुर-बछवाड़ा रेलखंड के विद्यापति धाम रेलवे स्टेशन पर श्रावणी सोमवारी के दिन एक दर्दनाक हादसे में एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो की है, जहां खड़ी मालवाहक टैंकर वाली ट्रेन को पार करने के दौरान एक व्यक्ति हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आ गया। 

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मृतक की पहचान गढ़सिसई पंचायत के वार्ड संख्या एक निवासी राम कृपाल महतो के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राम कृपाल महतो अपनी पत्नी के साथ विद्यापति धाम पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इसी दौरान वह प्लेटफॉर्म संख्या दो पर खड़ी मालवाहक टैंकर ट्रेन को पार कर दूसरी तरफ जाने का प्रयास कर रहे थे। जैसे ही वह ट्रेन के ऊपर चढ़े, ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी मौके पर पहुंचे।

विद्यापति धाम रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से श्रद्धालु की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल 2 आरपीएफ द्वारा घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। लेकिन इस हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रावणी सोमवारी को लेकर विद्यापति धाम में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की थी। ऐसे में सवाल उठता है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी? क्या वहां मजिस्ट्रेट या पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात थे? 

विद्यापति धाम रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से श्रद्धालु की मौत, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल 3अगर तैनाती थी तो मालवाहक ट्रेन के ऊपर चढ़कर एक व्यक्ति दूसरी तरफ कैसे चला गया? क्या श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और खतरनाक स्थानों पर लोगों को जाने से रोकने में प्रशासन से चूक हुई? अगर समय रहते व्यक्ति को रोका जाता तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल हादसे के बाद रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जरूरत है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर इतनी बड़ी सुरक्षा चूक कैसे हुई।

समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट

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