बछवाड़ा में मातम: समस्तीपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र की नदी में डूबने से मौत, शव पहुंचते ही चीख-पुकार से दहला शिबूटोल गांव

DNB Bharat Desk

बछवाड़ा|बेगूसराय: “मेरा बेटा तो घर से हँसते-खेलते निकला था… अब यह बेजान शरीर लेकर क्यों लौटे हो?”… यह दर्दनाक और कलेजा चीर देने वाले शब्द हैं उस माँ के, जिसका जवान बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। शनिवार की अहले सुबह जैसे ही बेगूसराय जिले के रानी-2 पंचायत अंतर्गत शिबूटोल गांव में एक मेधावी इंजीनियरिंग छात्र का शव पहुंचा, पूरा गांव गम के समंदर में डूब गया। घर की देहरी पर पहुँचते ही चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार और सिसकियां गूंज उठीं, जिसे सुनकर पत्थर दिल इंसान की भी आँखें नम हो गईं।

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मृतक की पहचान शिबूटोल गांव निवासी विपिन राय के करीब 20 वर्षीय होनहार पुत्र प्रिंस कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने रोते-बिलखते हुए बताया कि प्रिंस समस्तीपुर जिले के सरायरंजन स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। वह पढ़ाई में जितना तेज था, उतना ही मिलनसार और सबका चहेता भी था।

बछवाड़ा में मातम: समस्तीपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र की नदी में डूबने से मौत, शव पहुंचते ही चीख-पुकार से दहला शिबूटोल गांव 2शुक्रवार को वह अपने छह दोस्तों के साथ कॉलेज के बाद घूमने के लिए निकला था। किसी को क्या पता था कि यह हंसी-खुशी का सफर उसके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा। घूमने के दौरान सभी मोहद्दीनगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद गांव स्थित शिवना बाया नदी के पास पहुंचे। गर्मी और थकान मिटाने के लिए सभी दोस्त नदी में स्नान करने उतरे।

स्नान करने के दौरान अचानक प्रिंस का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। वह खुद को संभाल नहीं पाया और देखते ही देखते पानी में डूबने लगा। उसकी चीख सुनकर साथ मौजूद दोस्तों और आसपास के स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और बड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकालते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही मोहद्दीनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई और फिर परिजनों को सौंप दिया। शनिवार की सुबह जब प्रिंस का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव शिबूटोल पहुंचा, तो वहां का मंजर बेहद मर्मस्पर्शी था।

बछवाड़ा में मातम: समस्तीपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र की नदी में डूबने से मौत, शव पहुंचते ही चीख-पुकार से दहला शिबूटोल गांव 4ग्रामीणों ने बताया कि प्रिंस दो भाइयों में सबसे बड़ा था। घर का चिराग होने के साथ-साथ वह पूरे परिवार की उम्मीदों का सहारा था। माता-पिता ने बड़े अरमानों के साथ उसे इंजीनियर बनाने के लिए कॉलेज भेजा था, ताकि वह परिवार का नाम रोशन कर सके और बुढ़ापे की लाठी बने। लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। आज वह हंसता-खेलता बेटा तिरपाल में लिपटकर घर लौटा, तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। शिबूटोल गांव में इस घटना के बाद से किसी के घर चूल्हा नहीं जला है। हर कोई इस असहनीय दुख में परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अपनों को खोने का यह दर्द शब्दों से परे है।

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