डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा थाना क्षेत्र के रानी दो पंचायत अंतर्गत बेगमसराय गांव में रविवार की देर रात बिजली के ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से लगी आग में एक फूस का दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया । आग लगने से दुकान में रखा हजारों रुपए मूल्य का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। घटना के संबंध में स्थानीय ग्रामीण महाराज साह, संजय कुमार आदि लोगों ने बताया कि रविवार की देर रात बेगमसराय चौक के समीप लगे बिजली ट्रांसफार्मर से अचानक तेज लपटें निकलने लगीं।

ट्रांसफार्मर से आग की लपटें देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। अनहोनी की आशंका को भांपते हुए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय विद्युत सब-स्टेशन को दी और तत्काल बिजली की आपूर्ति बंद करने का अनुरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि फोन पर सूचना मिलने के बावजूद विद्युत सब-स्टेशन पर तैनात कर्मी ने बिजली काटने से साफ इनकार कर दिया। हद तो तब हो गई जब कर्मी ने कथित तौर पर यह कहकर टाल दिया कि रात का समय है आग लगने का वीडियो बनाकर भेजिए, तब बिजली काटी जाएगी। विभागीय कर्मी की इस लापरवाही के कारण कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
विद्युत आपूर्ति बंद न होने के कारण ट्रांसफार्मर से निकली आग की लपटें तेजी से फैलते हुए ऊपर से गुजर रहे बिजली के केबल तारों तक पहुंच गईं। केबल तार के जरिए आग तेजी से आगे बढ़ी और दुकान के ऊपर से गुजर रहे तार से आग की चिंगारी सीधे नीचे स्थित फूस की दुकान पर आ गिरी। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद लगभग एक घंटे की कड़ी मशकत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया।
पीड़ित दुकानदार सुबोध सहनी का फूस की दुकान और उसमें रखा मछली,मुर्गा व रजाई बनाने का सामान करीब 50 हजार रुपए मूल्य का सारा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। पीड़ित परिवार के समक्ष आजीविका का बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। पीड़ित अशोक सहनी ने विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है और प्रशासन तथा विभाग से आग से हुई कुल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजे की मांग की है।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट