गायन, वादन एवं दृश्य कला की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां; बेगूसराय ने कई विधाओं में हासिल किया प्रथम स्थान।
डीएनबी भारत डेस्क

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बेगूसराय में आयोजित दो दिवसीय संकुलस्तरीय कला उत्सव का बुधवार को ज्ञान, संस्कृति, लोकपरंपरा और रचनात्मकता से ओत-प्रोत वातावरण में भव्य समापन हुआ। उत्सव के दूसरे दिन 09 सितंबर को विभिन्न कला विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, मौलिकता और सृजनात्मक अभिव्यक्ति का शानदार प्रदर्शन किया। गायन, वादन और दृश्य कला की विविध प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायक मंडल को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दृश्य कला के अंतर्गत संकुल के 21 जवाहर नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतिभागियों ने पेंटिंग, मूर्तिकला, खिलौना निर्माण तथा स्थानीय शिल्प की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। विशेष बात यह रही कि प्रतिभागियों ने निर्णायकों के समक्ष अपनी कलाकृतियों का लघु रूप पुनः तैयार कर अपनी कल्पनाशीलता, तकनीकी दक्षता और मौलिकता का प्रमाण प्रस्तुत किया।
द्विआयामी चित्रकारी में जेएनवी बेगूसराय की छात्रा जानवी राज ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं त्रिआयामी मूर्तिकला में जेएनवी जमुई के छात्र शिवम राज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलौना एवं स्थानीय शिल्पकारी की विधा में जेएनवी लातेहार की छात्राओं ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
गायन एवं वादन की विभिन्न श्रेणियों में भी प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से वातावरण को संगीतमय बना दिया। समूह गान में जेएनवी बेगूसराय की छात्राओं ने झूमने पर विवश कर देने वाली पारंपरिक झूमर की मनमोहक प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं ऑर्केस्ट्रा इंस्ट्रुमेंटल में प्राणवीर, अभिराज, किशन और करण की दमदार संगत ने एक बार फिर बेगूसराय को प्रथम स्थान दिलाया।
पारंपरिक कहानी वाचन की श्रेणी में जेएनवी बेगूसराय की छात्राओं आयुषी एवं जानवी ने बिहुला विषहरी लोककथा की आकर्षक मैथिली प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी प्रस्तुति ने मिथिला की लोकसंस्कृति और लोककथाओं की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया। वहीं अवनद्ध वादन में जेएनवी समस्तीपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि कला उत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ भारतीय लोककला, संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। निर्णायकों के अनुसार विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में रचनात्मकता, मौलिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
विद्यालय के प्राचार्य चिरदीप शंकर मिश्र ने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को विकसित करने का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि इस कला उत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा के साथ-साथ अपनी लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के सफल मंच संचालन में जेएनवी बेगूसराय के छात्र अभय वत्स एवं सुमन का उल्लेखनीय योगदान रहा। दोनों ने अपने प्रभावशाली संचालन, स्पष्ट उच्चारण एवं आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को गरिमामय एवं जीवंत बनाए रखा।
दो दिवसीय संकुलस्तरीय कला उत्सव के सफल आयोजन एवं संचालन में संगीत शिक्षक शशि शंकर, कला शिक्षक मनीष कुमार बाग, हृदेश पाण्डेय, राघवेंद्र कुमार, निवेदिता कुमारी, आकांक्षा झा, मुकेश सिन्हा, प्रभाष झा सहित अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन समिति के समन्वित प्रयासों से पूरे कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समापन अवसर पर सभी विजेता एवं प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कला उत्सव ने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों की कला, संस्कृति और लोकजीवन को समझने तथा साझा करने का अवसर प्रदान किया। इस प्रकार दो दिवसीय यह उत्सव विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और कलात्मक अभिव्यक्ति की अविस्मरणीय छाप छोड़ते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बेगूसराय बीहट संवाददाता धरमवीर कुमार की रिपोर्ट