डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय मे बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा मे दो मुन्ना भाई को पुलिस नें गिरफ्तार किया हैँ। खास बात यह हैँ की गिरफ्तार मुन्ना भाई इस बार परीक्षाथी के रूप मे नहीं बल्कि बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी के रूप मे सेंटर पर मौजूद था।

जानकारी के मुताबिक इसके पास से बरामद आई कार्ड पर फर्जी नाम और पता अंकित था। पुलिस जाँच के बाद दोनों की असली पहचान खगरिया जिला और सहरसा जिला के रहने वाले के रूप मे हुई हैँ। इसकी गिरफ्तारी से एक नेटवर्क तक पहुंचने की उम्मीद पुलिस कर रही हैँ। इनके पास से एक टैब और मोबाइल जप्त हुई हैँ। बताते चले की रविवार को बेगूसराय के एसके महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा संचालित हो रही थी।
संचालित इस परीक्षा मे सेंटर पर बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने वाले दो कर्मियों की गतिविधियां पर कॉलेज प्रशासन और पुलिस को शक हुआ। जिसके बाद दोनों को हिरासत मे लेकर पूछ ताछ की गई तो बड़े परीक्षा सेटर गैंग का खुलासा हुआ। दोनों ही परीक्षा केंद्र पर परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किये गए बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारी थे।
जो खुद को साइनोसौर कंपनी का सीटीओ हेड और ऑपरेटर बताया पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान बेगूसराय के वीरपुर प्रखंड के के रहने वाले संजय यादव के पुत्र मणि कुमार और दूसरा बेगूसराय के ही सुजानपुर के रहने वाले बबलू राय के पुत्र दिलखुश कुमार बताया था । लेकिन जब इनसे कड़ाई से पूछ ताछ की गई तो ये सहरसा जिला के इटहरी प्रखंड के रहने वाले मनोहर यादव के पुत्र अजय कुमार के रूप मे हुई जबकि दुसरे की पहचान खगड़िया जिला के रहीमपुर के रहने वाले ओमप्रकाश साह के पुत्र आशीष कुमार के रूप मे हुई हैँ।
फिलहाल पुलिस दोनों को जेल भेजनें की तैयारी मे हैँ। वही इस संबंध मे सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि कल महिला कॉलेज मे संचालित परीक्षा मे बायोमेट्रिक कंपनी के सुपरवाइजर और ऑपरेटर की कथित संलिप्ता सामने आई हैँ।जिनके नेटवर्क के लिए साक्ष्य संकलित किया जा रहा हैँ। उनके पास से पुलिस नें एक टैब और एक मोबाइल और कैंडिडेट के रोल नंबर आदि बरामद किया गया हैँ।पकडे गए दोनों नें नेटवर्क और अन्य लोगो के मिलीभगत की बात बताया हैँ।
डीएनबी भारत डेस्क