डीएनबी भारत डेस्क
बेगूसराय में चार साल पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जमीन विवाद में हुई हत्या के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 8-8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए अदालत के निर्णय का स्वागत किया।

आपको बताते चले कि मामला साहेबपुर कमाल थाना कांड संख्या 176/2021 से जुड़ा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सिरैया गांव निवासी रामाशीष यादव, जवाहर यादव, जयकृष्ण यादव, गोपाल उर्फ गोपाल गोविंद, आदर्श कुमार, नितीश कुमार और राकेश कुमार को रामाकांत यादव की हत्या का दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 8 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस दौरान अभियोजन के अनुसार मृतक रामाकांत यादव और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पंचायत के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ।
आरोप है कि 21 जुलाई 2021 की शाम सभी आरोपी हथियार और पिस्तौल से लैस होकर रामाकांत यादव के घर पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल रामाकांत यादव को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोप यह भी था कि घटना के दौरान घर की महिलाओं के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राम प्रकाश यादव ने नौ गवाहों की गवाही कराई, जबकि सूचिका की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मंसूर आलम ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी सातों आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई।
मुझे शुरू से न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। कई वर्षों के संघर्ष के बाद मेरे पति के हत्यारों को सजा मिली है। अदालत के फैसले से मुझे न्याय मिला है और कानून पर मेरा विश्वास और मजबूत हुआ है।”चार वर्ष तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को जिले के चर्चित हत्या कांड में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, वहीं यह संदेश भी गया है कि गंभीर अपराधों में कानून अपना काम करता है।
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