600 एकड़ फसल बचाने को चला अभियान,मुखिया की पहल पर चला अभियान,
डीएनबी भारत डेस्क

चंडी प्रखंड के बढौना पंचायत में घोड़परास (नीलगाय) के बढ़ते आतंक से त्रस्त किसानों ने आखिरकार सख्त कदम उठाया। फसलों की बर्बादी से टूट चुके किसानों ने स्थानीय मुखिया अशोक शर्मा से गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई हुई।
मुखिया की पहल पर वन विभाग को लिखित शिकायत भेजी गई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए शनिवार को पंजीकृत शूटरों की टीम पंचायत पहुंची। अस्सी खंधा और बढौना खंधा इलाके के टाल क्षेत्रो में घंटों अभियान चलाकर करीब 25 घोड़परास को मार गिराया गया।मुखिया अशोक शर्मा ने बताया कि लगभग 600 एकड़ में लगी गेहूं, सरसों, चना, धनिया और मसूर की फसल को घोड़परास पैरों तले रौंदकर पूरी तरह तबाह कर देते थे।
किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही घंटों में बर्बाद हो रही थी। लगातार नुकसान से परेशान किसानों में भारी आक्रोश था।नालंदा जिले के रहूई, चंडी, सरमेरा, अस्थावां और हरनौत क्षेत्रों में भी घोड़परास का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर थे।
सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंजीकृत शूटरों की संख्या 400 तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। किसानों का कहना है कि शूटरों की संख्या बढ़ने से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है और घोड़परास के आतंक पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।फिलहाल कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है.
डीएनबी भारत डेस्क