डीएनबी भारत डेस्क
जिला पदाधिकारी बेगूसराय श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में वर्ष 2026 में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु पूर्व तैयारियों को लेकर आपदा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के सभी 18 अंचलों में साधारण वर्षामापी यंत्र एवं स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित हैं। इसके अतिरिक्त सभी 217 पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी यंत्र अधिष्ठापित हैं, जो वर्तमान में सुचारू रूप से कार्यरत हैं। आगामी 01 जून 2026 से जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा दैनिक वर्षापात प्रतिवेदन तैयार कर नियमित रूप से आपदा प्रबंधन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि गंगा नदी से प्रभावित होने वाले 08 अंचलों—बेगूसराय सदर, बरौनी, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, बलिया, साहेबपुर कमाल एवं शाम्हो अकहा कुरहा तथा बूढ़ी गंडक नदी से प्रभावित 03 अंचलों—बखरी, नावकोठी एवं चेरिया बरियारपुर के अंतर्गत आने वाले कुल 37 ग्राम पंचायतों तथा 02 नगर निकायों के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों की लगभग 04 लाख आबादी एवं 80 हजार पशुधन की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के अंतर्गत 05 अत्यंत संवेदनशील स्थलों पर कटाव निरोधक कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि अन्य 06 स्थलों पर कार्य प्रगति पर है। अनुमंडल पदाधिकारियों द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षण में बेगूसराय, मंझौल, बलिया, तेघड़ा एवं बखरी के तटबंध सुरक्षित पाए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि तटबंधों पर स्थित सभी Rathole, Foxhole एवं Raincut को अविलंब भरकर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा चिन्हित स्थलों पर सैंड फिल्ड ई.सी. बैग, जियो बैग एवं अन्य फ्लड फाइटिंग सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण रखा जाए।
संभावित बाढ़ के दौरान विस्थापित परिवारों के लिए जिले में कुल 228 सामुदायिक रसोई केन्द्र एवं 80 राहत शिविर स्थल चिन्हित किए गए हैं। साथ ही, ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए अंचलवार 56 स्थलों का चयन कर टीमों का गठन किया जा चुका है। राहत एवं बचाव कार्यों की दृष्टि से उलाव हवाई अड्डा, शताब्दी मैदान मंझौल एवं चमरिया मैदान बलिया सहित कुल 15 हेलीपेड स्थलों को भी चिन्हित किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में जिला मुख्यालय एवं अंचलों को मिलाकर कुल 11,885 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध हैं तथा अतिरिक्त 30,000 पॉलीथीन शीट्स की मांग की गई है। आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए 21 सरकारी नावें परिचालन योग्य हैं। इसके अतिरिक्त 271 निजी नावों की आवश्यकता के विरुद्ध अब तक 140 नाव मालिकों से एकरारनामा किया जा चुका है तथा शेष प्रक्रिया प्रगति पर है। SDRF टीम के पास 06 मोटरबोट तथा सिमरिया गंगा घाट पर 01 अतिरिक्त मोटरबोट उपलब्ध है।
मानव स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सिविल सर्जन द्वारा कुल 60 चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिसके तहत 14 चलंत, 18 अस्थायी एवं 28 स्थायी चिकित्सा दल सक्रिय रहेंगे। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-स्नेक वेनम, क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस सहित 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
इसी प्रकार पशुपालन विभाग द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 52 चयनित पशु शरण स्थलों पर चिकित्सकों एवं कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पशुओं के उपचार हेतु 44 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं तथा पशु चारा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निविदा प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रहित राहत (GR) राशि पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खातों में उपलब्ध कराने हेतु आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर अब तक 1,01,056 परिवारों की सूची अपलोड की जा चुकी है, जिनमें से 1,00,084 लाभुकों का आधार सत्यापन पूर्ण हो चुका है। शेष लाभुकों के त्वरित सत्यापन का निर्देश भी जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया।
जिला आपदा प्रबंधन शाखा अंतर्गत जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र-सह-नियंत्रण कक्ष को 24×7 संचालित किया जा रहा है। बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना अथवा समस्या के त्वरित निष्पादन हेतु नागरिक दूरभाष संख्या 06243-450626 एवं मोबाइल संख्या 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं।
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा संचार व्यवस्था को पूर्णतः सक्रिय एवं अद्यतन रखा जाए, ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
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