डीएनबी भारत डेस्क
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने शनिवार की दोपहर बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने झमटिया धाम गंगा घाट और बछवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से पूरे प्रशासनिक महकमे और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान जहां एक तरफ झमटिया धाम मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की बड़ी कार्रवाई की गई, वहीं अस्पताल प्रबंधन की कमियों पर डीएम ने जमकर क्लास लगाई।जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री सबसे पहले झमटिया धाम गंगा घाट पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित मंदिर परिसर का गहन अवलोकन किया।
स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यहां अवैध वसूली की जा रही है और मंदिर परिसर में अवैध रूप से दुकानें खोलकर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम, प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक राज और पुलिस बल को कड़ा निर्देश दिया कि मंदिर परिसर की सभी दुकानों को तत्काल खाली कराया जाए।
डीएम के आदेश के बाद अंचलाधिकारी और बीडीओ के नेतृत्व में बछवाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। डीएम ने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। झमटिया धाम के बाद जिलाधिकारी बछवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। शनिवार दोपहर को रोगी परामर्श केंद्र बंद पाया गया, जिस पर उन्होंने स्वास्थ्य प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों से सीधा संवाद किया।
जब उन्हें पता चला कि मरीजों के पास आयुष्मान भारत कार्ड नहीं उप्लब्ध है तो उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई। इसके बाद जब वे हीट वेव वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां एसी के बजाय सिर्फ पर्दा और कूलर लगा देखकर भड़क गए। भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य प्रबंधक को सख्त लहजे में सलाह दी कि अस्पताल के सभी महत्वपूर्ण कक्षों और वार्डों में तुरंत एयर कंडीशनर लगाए जाएं। निरीक्षण के दौरान हाई रिस्क पेशेंट रजिस्टर के सही संधारण न होने पर भी डीएम ने सवाल उठाए।
उन्होंने मौके पर मौजूद जीएनएम को निर्देशित किया कि गंभीर मरीजों का लगातार फॉलोअप लिया जाए और रिकॉर्ड दुरुस्त रखा जाए। हालांकि, इस दौरान डीएम ने अस्पताल के लैब, इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया, जहां की स्थिति संतोषजनक पाई गई। उन्होंने अस्पताल परिसर के दोनों तरफ के आंगन में ऊपर से शेड डालने का सुझाव दिया ताकि धूप से मरीजों को बचाया जा सके।
इस पूरे औचक निरीक्षण के दौरान मौके पर तेघड़ा एसडीओ राकेश कुमार,प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा, स्वास्थ्य प्रबंधक अमर कुमार आर्या, डॉ राज कमल समेत एएनएम व जीएनएम समेत स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
बेगूसराय बछवाड़ा संवाददाता मनोज कुमार राहुल की रिपोर्ट