असली परीक्षार्थी की जगह बैठते थे सॉल्वर,पावापुरी से पकड़ा गया NEET गैंग।
डीएनबी भारत डेस्क

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बिहार में NEET 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह फ़ैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है। NTA ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा की नई तिथियाँ जल्द ही घोषित की जाएंगी।
सॉल्वर गैंग का खुलासा
हाल ही में बिहार में NEET परीक्षा में एक संगठित सॉल्वर गैंग की सक्रियता का खुलासा हुआ है, जिसमें 60 लाख रुपए में एक सीट की डील की गई थी। नालंदा पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से मुख्य आरोपी एक MBBS छात्र है।
गिरफ्तारियां और तफतीश
2 मई की रात, पावापुरी थाना पुलिस ने गाड़ी चेकिंग के दौरान दो लग्जरी गाड़ियों (स्कॉर्पियो और ब्रेजा) से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी का नाम अवधेश कुमार है, जो विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS सेकेंड ईयर छात्र है। उसकी मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे पूरे गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
संक्षेप में, गिरोह NEET परीक्षा पास कराने के लिए हर कैंडिडेट से 50 से 60 लाख रुपए तक वसूलता था और असली कैंडिडेट की जगह सॉल्वर को बैठाने की योजना बनाता था। पहले ऑडर अडवांस के तौर पर 1.5 से 2 लाख रुपए लिए जाते थे।
मास्टरमाइंड की पहचान
राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में अवधेश कुमार, अमन कुमार सिंह (मोतिहारी) और पंकज कुमार साह (मुजफ्फरपुर) शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड उज्जवल उर्फ राजा बाबू है, जो पावापुरी मेडिकल कॉलेज का 2022 बैच का छात्र है। अमन, उज्जवल का मौसेरा भाई है और दोनों हॉस्टल में साथ रहते थे। उज्जवल अभी फरार है।
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