समस्तीपुर:बोरज गांव में पसरा मातमी सन्नाटा,दादा ने पोते को दी मुखाग्नि, कलेजा चीर देने वाले मंजर से रो पड़ा पूरा इलाका

DNB Bharat Desk

समस्तीपुर:शिवाजीनगर में करेह नदी में डूबकर तीन सगे भाइयों की मौत के बाद बोरज गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही तीनों भाइयों का शव गांव पहुंचा, परिजनों के चीख-चीत्कार ने रात के सन्नाटे को चीर दिया। पूरा गांव कोहराम से गूंज उठा।

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 शव के गांव पहुंचते ही एक बार फिर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल दिखा। परिजनों की हालत देख वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।सुबह जब एक साथ तीनों भाइयों की अर्थी उठी, तो यह मंजर देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया।पूरे गांव में सन्नाटा छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा दर्दनाक दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था।

 समस्तीपुर:बोरज गांव में पसरा मातमी सन्नाटा,दादा ने पोते को दी मुखाग्नि, कलेजा चीर देने वाले मंजर से रो पड़ा पूरा इलाका 2गांव के ढाब गाछी स्थित करेह नदी किनारे तीनों भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई आदित्य को उनके बूढ़े दादा तारकेश्वर झा ने कंपकपाते हाथों से मुखाग्नि दी, यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। वहीं हर्षित को चाचा नित्यानंद झा और छोटे भाई कार्तिक को चाचा लोकनाथ झा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजन बार-बार बेहोश हो जा रहे थे, जबकि ग्रामीण उन्हें संभालने में लगे रहे।

 हर किसी के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था। गांव में शोक का माहौल इस कदर था कि किसी घर में चूल्हा नहीं जला। लोग अपने-अपने घरों में गमगीन बैठे रहे और इस दुखद घटना को याद कर सिहर उठे। वहीं बोरज गांव में घटना के  बाद जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।

 समस्तीपुर:बोरज गांव में पसरा मातमी सन्नाटा,दादा ने पोते को दी मुखाग्नि, कलेजा चीर देने वाले मंजर से रो पड़ा पूरा इलाका 3ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तो पहुंचे, लेकिन अब तक न तो क्षेत्रीय विधायक और न ही सांसद के किसी प्रतिनिधि ने पीड़ित परिवार की सुधि ली है। इसको लेकर गांव के लोगों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद जनप्रतिनिधियों का संवेदनहीन रवैया चिंताजनक है। लोगों ने मांग की है कि जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें उचित सहायता दिलाने की पहल करें।

समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्टर

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