डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समस्तीपुर के SMRCK कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं गणमान्य अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज के प्रधानचार्य डॉ कुमार अमरेंद्र ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों तक सीमित नहीं है, बल्कि जल, वायु, भूमि, वन्यजीव एवं सम्पूर्ण जैव विविधता का समन्वित स्वरूप है।

उन्होंने जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, प्रदूषण तथा प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन जैसी चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने हेतु किए जा रहे प्रयासों, विशेषकर “मिशन लाइफ” एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना की गई।बिहार के संदर्भ में गंगा, कोसी, गंडक और सोन जैसी नदियों को राज्य की जीवनरेखा बताते हुए उनके संरक्षण पर बल दिया गया।
प्रधानचार्य ने कहा कि हर वर्ष आने वाली बाढ़, जल प्रदूषण एवं घटते वन क्षेत्र हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश देते हैं। बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे “जल-जीवन-हरियाली अभियान” एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों को सराहनीय पहल बताया गया।इस अवसर पर कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
साथ ही विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया तथा बिहार एवं भारत को स्वच्छ, हरित एवं समृद्ध बनाने में सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट