राज्यसभा नियमों का हवाला, श्रवण कुमार बोले – 6 महीने तक CM रह सकते हैं
डीएनबी भारत डेस्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी और राज्य सरकार के कद्दावर मंत्री श्रवण कुमार ने नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर बड़ा बयान दिया है।बिहारशरीफ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ संकेत दिए कि फिलहाल राज्य की सत्ता में कोई तत्काल बदलाव नहीं होने जा रहा है।

मंत्री श्रवण कुमार ने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि राज्यसभा के लिए मनोनीत होने के बाद किसी भी सदस्य को 15 दिनों के भीतर विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होता है। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के तहत कोई भी व्यक्ति बिना सदन का सदस्य बने अधिकतम 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बना रह सकता है।उन्होंने कहा कि राज्यसभा के वर्तमान सदस्यों की वैधता 9 अप्रैल तक है, ऐसे में पूरी संभावना है कि 9 अप्रैल तक नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
उनके इस बयान से साफ है कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लग सकता है।वहीं, पश्चिम बंगाल की राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रवण कुमार ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकार बनना तय है। जदयू की भूमिका को लेकर उन्होंने बताया कि पार्टी स्तर पर मंथन जारी है और जल्द ही रणनीति स्पष्ट की जाएगी।
उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता विकास कार्यों से संतुष्ट नहीं है और सरकार ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिसका असर आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा। वही नालंदा जेडीयू सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार में बीजेपी की मुख्यमंत्री बने यह कोई जरूरी नहीं है जेडीयू से भी मुख्यमंत्री बन सकता है हालांकि का आखिरी फैसला नीतीश कुमारी लगे।
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