डीएनबी भारत डेस्क
समस्तीपुर : भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय जाली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत समस्तीपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) के वांछित दो लाख रुपये के इनामी आरोपी नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपीनेपाल के बारा जिले का निवासी है और एनआईए के एक मामले में वांछित चल रहा था। उस पर जाली भारतीय मुद्रा के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। इस संबंध में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानीय आसूचना इकाई एवं सीआईडी पटना के डीआईजी जयंत कांत से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। सूचना के अनुसार आरोपी पटोरी थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त था।
एसपी के निर्देश पर पटोरी थाना की पुलिस टीम गठित कर आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। सूचना की पुष्टि होने के बाद पटोरी स्टेशन के समीप छापेमारी कर उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की औपचारिक कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना एनआईए को दे दी है। एनआईए की टीम द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी एनआईए द्वारा घोषित इनामी अपराधियों-दो लाख के इनामी सुधीर कुशवाहा और एक लाख के इनामी मो. गुलटेन अंसारी को गिरफ्तार किया जा चुका है। नूर मोहम्मद की गिरफ्तारी को सीमा पार संचालित जाली नोट नेटवर्क पर बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है। एसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में आगे की कार्रवाई जारी है।
समस्तीपुर संवाददाता अफरोज आलम की रिपोर्ट