मृत मतदाताओं के नाम पर राशन उठाव की जांच तेज, पहले दिन ही 227 संदिग्ध मामले आये सामने
डीएनबी भारत डेस्क
तेघड़ा अनुमंडल में सरकारी राशन व्यवस्था में अनियमितताओं की आशंका को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार के निर्देश पर मतदाता सूची में दर्ज मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाव के मामलों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।

इसी कड़ी में आज प्रखंड स्तर पर सभी मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी, बीएलओ पर्यवेक्षक तथा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मृत मतदाताओं की सूची के आधार पर राशन कार्ड से जुड़े मामलों की संयुक्त जांच की जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
3938 मृत मतदाताओं के नाम पहले ही हटाए गए
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 से अब तक तेघड़ा प्रखंड में कुल 3938 मतदाता मृत पाए गए, जिनके नाम मतदाता सूची से विधिवत विलोपित कर दिए गए हैं। अब इन्हीं मामलों का राशन व्यवस्था से मिलान कर जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मृत व्यक्तियों के नाम पर सरकारी अनाज का उठाव न हो रहा हो।
जांच के पहले दिन ही 227 संदिग्ध मामले
जांच अभियान के पहले दिन ही लगभग 227 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें संबंधित मतदाता की मृत्यु काफी पहले हो चुकी है, लेकिन उनके परिजनों द्वारा अब भी उनके नाम पर राशन उठाने की बात सामने आई है। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
एसडीएम की सख्त चेतावनी
एसडीएम राकेश कुमार ने इस मामले को गंभीर बताते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी या फर्जी लाभ उठाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित लोगों को चेतावनी दी कि जिन परिवारों में किसी सदस्य की मृत्यु हो चुकी है, वे तुरंत बीएलओ से संपर्क कर राशन कार्ड से नाम हटवाने की प्रक्रिया पूरी करें।
संयुक्त जांच जारी रहेगी
प्रशासन ने संकेत दिया है कि मतदान केंद्र पदाधिकारियों, राशन डीलरों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा आगे भी लगातार जांच की जाएगी। उद्देश्य है कि पात्र लाभुकों को ही सरकारी राशन मिले और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।
प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
डीएनबी भारत डेस्क