हाईवे पर पलटने के खतरे को देखते हुए ई-रिक्शा के प्रवेश पर पाबंदी
डीएनबी भारत डेस्क

नए साल की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। लोगों की जान की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा के परिचालन पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, ई-रिक्शा हल्के वजन की वजह से हाईवे पर बेहद असुरक्षित साबित हो रहे थे। तेज रफ्तार से गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव से ई-रिक्शा कई बार संतुलन खो बैठते हैं,
जिससे पलटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। बीते वर्षों में नेशनल और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा पलटने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है।इसी गंभीर खतरे को देखते हुए ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने यह सख्त लेकिन ज़रूरी फैसला लिया है। सरकार का मानना है कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि इस फैसले से नालंदा जिले के ई-रिक्शा चालकों में मायूसी देखने को मिल रही है,
लेकिन दूसरी ओर इस निर्णय को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। नालंदा से जदयू सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने मंत्री श्रवण कुमार के फैसले को पूरी तरह से सही और जनहित में बताया है। सांसद कौशलेन्द्र कुमार का कहना है कि मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा चलने से न सिर्फ खुद चालक और यात्री खतरे में रहते हैं, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। उनका स्पष्ट कहना है कि ई-रिक्शा का इस्तेमाल गांव से प्रखंड तक और शहरों में मोहल्लों तक ही सीमित होना चाहिए। लेकिन वर्तमान में इन्हें मुख्य सड़कों पर दौड़ाकर लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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