साम्राज्यवाद और निजीकरण के खिलाफ बरसे वामपंथी नेता: बछवाड़ा में ‘शहीद पखवाड़ा’ के बहाने केंद्र सरकार पर तीखा हमला
डीएनबी भारत डेस्क
बछवाड़ा में 13 से 23 जनवरी शहीद पखवाड़ा के पहले दिन मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सैकड़ो कार्यकर्ताओ ने कॉमरेड शहीद गंगा नन्द राय के स्मारक पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। शहीद पखवाडा को लेकर सीपीएम के कार्यकर्ता विभिन्न पंचायतो से जुलुस लेकर बछवाड़ा बाजार स्थित गंगा नन्द राय स्मारक पर पहुंचे थे। माल्यार्पण के बाद कार्यकर्ताओ ने हाथ में सीपीएम के झंडे के साथ जुलुस में शामिल होकर हाई स्कूल नारेपुर के सभागार भवन पहुंचकर सेमीनार में भाग लिया।

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के बछवाड़ा मंसूरचक लोकल कमिटी के आह्वान पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीपीएम के वरिष्ठ नेता लाल बहादुर यादव ने किया। वही मंच संचालन अवध किशोर चौधरी ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीएम के पुर्व केन्द्रीय कमिटी सदस्य अरुण कुमार मिश्र ने कहा कि आज दुनिया के अन्दर अमेरिकी सम्राज्यवाद के द्वारा समप्रभुराष्ट्रो पर जो हमला किया जा रहा है,वो प्रगतिशील देशो के लिए अमन चैन,शांति भंग करने के साथ साथ घातक साबित हो रहा है। आज लैलीन की युक्ति सही साबित हो रहा है। उन्होने कहा था कि सम्राज्यवाद युद्ध के बिना जिन्दा नहीं रह सकता। आज देश में पूंजी का केन्द्रीकरण हो रहा है।
जिसका परिणाम है कि एक प्रतिशत लोगों के पास देश के चालीस प्रतिशत सम्पत्ति है। जिसके कारण आज देश में मंहगाई, बेरोजगारी, भुखमरी बढ़ गयी है। शिक्षा,स्वास्थ्य समेत यातायात सभी का निजीकरण किया जा रहा है। लोगों को इन सभी समस्याओं से ध्यान भटकाने को लेकर देश सम्प्रदायिक जहर घोला जा रहा है, और अल्पसंख्यक,गरीब गुरबों पर थोपा जा रहा है। वही राज्य सचिव मंडल सदस्य व पुर्व विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज देश में आजादी के लड़ाई से अर्जित श्रम कानुनों पर वर्तमान सरकार के द्वारा हमला किया जा रहा है और उसे श्रम संहिता में लाकर पूंजीवाद के हवाले किया जा रहा है। आज पूंजीवादी मंजदुरो के साथ पशु के समान व्यवहार कर रहा है। बारह घंटे ड्यूटी करने के बावजूद सम्मान जानकर मजदुरी नहीं दिया जा रहा है। भारत सरकार मजदुरो के ईपीएफ फंड को अडानी के कम्पनी को सौंप दिया है।
जिस कारण मजदूरो को समय पर उसका फायदा नहीं मिल रहा है। पार्टी के जिला सचिव रत्नेश झा ने कहा कि देश के किसानों ने अपनी एकता के बल पर सरकार को झुकने के लिए मजबुर कर दिया और सरकार का किसान विरोधी कानुन वापस लेने के लिए विवश कर दिया। देश के किसान मजदूर व विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत कर्मी के आह्वान पर आगामी 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा का सीपीएम के द्वारा समर्थन देने की घोषणा की गयी है। आम आवाम से अनुरोध है कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। वही अवध किशोर चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा घोषणा के बावजूद पैक्स के द्वारा किसानों के धान का समर्थन मुल्य नहीं दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को मिलने वाली किसान सम्मान निधि से किसानों को संचित करने की साज़िश की जा रही है।
सरकार पदाधिकारी से मिलकर किसानो के नामो की छंटनी करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। वही पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल बहादुर यादव अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि आज के दिन हम पार्टी के कार्यकर्ता उन शहीदों को याद करते हैं जो गरीब गुरबों के मान सम्मान के लिए अपनी शहादत देने का काम किया। शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति देकर शोषण, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का रास्ता भी दिखाया। शहीद पखवाड़ा का उद्देश्य नई पीढ़ी को इन बलिदानों से परिचित कराना और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।

उन्होंने आम लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि 23 जनवरी को शहीद पखवाड़े के समापन समारोह में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होकर शहीदों को याद करते हुए उन्हे श्रद्धांजलि देने का काम करें। मौके पर सीपीएम राज्य कमिटी सदस्य सुरेश यादव,पुर्व राज्य कमिटी सदस्य आदित्य नारायण चौधरी,खेतिहर मजदूर के जिलाध्यक्ष व सचिव राम विलास सिंह,राम भजन सिंह,जिला कमिटी से विनोद चौधरी,अजय यादव,रमेश सिंह,जगदीश पोद्दार,विजय राय, विश्वनाथ दास, राजेन्द्र पासवान,नील कुमार,शेर सिंह उर्फ कन्हैया,राम रतन राय,लाल बाबू महतो,विद्यापति ठाकुर समेत सैकड़ो की संख्या में सीपीएम कार्यकर्ता मौजूद थे।
डीएनबी भारत डेस्क
